Rohtas News : रोहतास जिला के अकोढ़ीगोला प्रखंड क्षेत्र के धरहरा गांव स्थित प्राथमिक बालिका विद्यालय का भवन करीब 20 वर्षों से जर्जर हालत में है. स्कूल के दो कमरे लंबे समय से उपयोग के लायक नहीं हैं. ऐसे में बचे हुए दो कमरों में ही कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई कराने के साथ कार्यालय का काम भी चलाया जा रहा है. इससे छात्राओं और शिक्षिकाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
56 छात्राओं की पढ़ाई का जिम्मा चार शिक्षिकाओं पर
विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक कुल 56 छात्राएं नामांकित हैं. इनकी पढ़ाई के लिए चार शिक्षिकाएं हैं. लेकिन कमरे की कमी के कारण एक से पांचवीं कक्षा तक की छात्राओं को एक साथ बैठाकर पढ़ाना पड़ता है. स्कूल के एक कमरे में कार्यालय भी संचालित होता है और जरूरत पड़ने पर उसी कमरे में बच्चों की पढ़ाई भी करायी जाती है.
जर्जर रसोई में बनता है बच्चों का भोजन
विद्यालय में रसोईघर की स्थिति भी खराब है. रसोईघर टूट-फूट की हालत में है और उसमें न तो दरवाजा है और न ही खिड़की. इसी कमरे में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार किया जाता है. रसोई की खराब स्थिति के कारण तैयार भोजन को सुरक्षित रखना भी मुश्किल है.
चहारदीवारी नहीं, स्कूल की सुरक्षा पर सवाल
विद्यालय की चहारदीवारी भी नहीं है. इस कारण आसपास के लोगों का स्कूल परिसर में आना-जाना लगा रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल परिसर सुरक्षित नहीं होने के कारण कई अभिभावक बच्चों को यहां भेजने से भी कतराते हैं.
एक साल से निर्माण की मांग, अब तक नहीं हुई कार्रवाई
प्रधान शिक्षिका अपराजिता मेहता ने बताया कि उन्होंने करीब एक वर्ष पहले विद्यालय में योगदान दिया है. इसके बाद से ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों से जर्जर दो कमरों के पुनर्निर्माण की मांग करती रही हैं. उन्होंने बताया कि करीब 20 वर्षों से दोनों कमरे जर्जर हालत में हैं. मजबूरी में अन्य दो कमरों में सभी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है.
जांच के बाद वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन
प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी सुमन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यदि स्कूल के कमरे जर्जर हैं तो बच्चों को किसी अन्य स्कूल में शिफ्ट कराकर भवन निर्माण कराया जायेगा. मामले की जांच कर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जायेगी.
15वीं वित्त और जी राम जी योजना से कमरे बनाने की तैयारी
मुखिया किरण देवी ने बताया कि स्कूल के जर्जर कमरों की स्थिति वर्षों से खराब है. बच्चों को अन्य दो कमरों में एक साथ बैठाकर पढ़ाना पड़ता है. इससे उन्हें परेशानी होती है. उन्होंने बताया कि पंचायत की 15वीं वित्त और जी राम जी योजना के तहत स्कूल के दो कमरों के निर्माण की स्वीकृति करायी गयी है. निर्माण के लिए शिक्षा विभाग से एनओसी मांगी गयी है. एनओसी मिलते ही कमरों का निर्माण शुरू कराया जायेगा.
