चेनारी प्रखंड क्षेत्र में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद धान की फसल में अच्छी बढ़वार देखने को मिल रही है. खेतों में लहलहाती धान की फसल देखकर किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है. कई गांवों में अब धान की सोहनी का काम भी शुरू हो गया है.
खेतों में सुबह-शाम जुट रहे किसान
किसान सुबह और शाम खेतों में पहुंचकर निराई-गुड़ाई कर रहे हैं. इसके साथ ही खरपतवार हटाने और जरूरत के अनुसार खाद देने का काम भी किया जा रहा है. किसानों का कहना है कि समय पर फसल की देखभाल होने से धान के पौधों की बढ़वार बेहतर हो रही है.
बारिश ने धान की फसल को दी संजीवनी
किसान जयगोविंद दुबे, वीरेंद्र सिंह यादव, सुरेंद्र सिंह और संजय सिंह ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश से धान की फसल को काफी फायदा हुआ है. खेतों में पर्याप्त नमी आने से पौधों की बढ़वार तेजी से हो रही है. किसानों के अनुसार रोपनी के समय मौसम और पानी को लेकर परेशानी हुई थी, लेकिन बाद की बारिश ने फसल को संभाल लिया. अब बेहतर पैदावार की उम्मीद जगी है.
कई गांवों में शुरू हुई धान की सोहनी
बारिश के बाद कई गांवों में किसान धान की सोहनी के काम में जुट गये हैं. खेतों से खरपतवार निकालने के साथ निराई-गुड़ाई और जरूरत के अनुसार खाद का प्रयोग किया जा रहा है. किसानों का कहना है कि समय पर फसल की देखभाल से धान के पौधों की बढ़वार अच्छी हो रही है.
नीलगायों के झुंड ने बढ़ायी किसानों की परेशानी
धान की फसल की अच्छी स्थिति के बीच नीलगाय किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गयी हैं. किसानों का कहना है कि नीलगायों के झुंड रात के समय खेतों में घुसकर धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं. कई जगह पौधों के रौंदे जाने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. किसानों ने फसल बचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग की है.
चेनारी में खाद की नहीं है कमी
कृषि पदाधिकारी रोहित कुमार ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में धान की फसल की स्थिति फिलहाल बेहतर है. किसान भी समय पर फसल की देखभाल कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि क्षेत्र में फर्टिलाइजर की पर्याप्त व्यवस्था है और फिलहाल खाद की किसी तरह की कमी नहीं है.
बेहतर धान उत्पादन की बढ़ी उम्मीद
बारिश के बाद धान की फसल की स्थिति सुधरने से किसानों की उम्मीदें बढ़ गयी हैं. किसान नियमित रूप से खेतों की निगरानी कर रहे हैं. हालांकि नीलगायों से फसल को हो रहे नुकसान को लेकर चिंता बनी हुई है. किसानों का कहना है कि यदि फसल को नीलगायों से बचाया जा सका और मौसम अनुकूल रहा, तो इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है.
