Yogiya Murder Case: रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के जोगिया गांव में मजदूर चंदेश्वर चौधरी की हत्या के मामले में पुलिस ने मृतक के पुत्र दीपक चौधरी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की है. प्राथमिकी में पांच लोगों को नामजद करते हुए अन्य आरोपितों के खिलाफ भी हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित अजीत तिवारी और उसके पुत्र चिंगारी तिवारी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया है. दोनों से पूछताछ की जा रही है. वहीं, घटना के करीब 36 घंटे बाद गुरुवार को मुख्य आरोपी की निशानदेही पर सुरतापुर गांव के समीप नहर से चंदेश्वर चौधरी का शव बरामद किया गया था.
बेटे के बयान पर दर्ज हुई हत्या की प्राथमिकी
मृतक के पुत्र दीपक चौधरी के बयान पर दिनारा थाना में पांच नामजद समेत अन्य आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है. प्राथमिकी में हत्या की घटना को लेकर कई आरोप लगाये गये हैं. पुलिस अब प्राथमिकी में दर्ज आरोपों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आरोपितों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. मामले में नामजद अन्य आरोपित फिलहाल फरार बताये जा रहे हैं.
चार घंटे के भीतर मुख्य आरोपी और उसका पुत्र गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने बताया कि घटना के करीब चार घंटे के भीतर पुलिस ने मुख्य आरोपित अजीत तिवारी और उसके पुत्र चिंगारी तिवारी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया था. दोनों को दिनारा थाना लाकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस हत्या की वजह, घटना में अन्य लोगों की भूमिका और शव को नहर तक पहुंचाने से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है.
36 घंटे बाद आरोपी की निशानदेही पर मिला शव
चंदेश्वर चौधरी की हत्या के बाद शव बरामद नहीं होने से पुलिस और ग्रामीणों के बीच लगातार उसकी तलाश को लेकर चर्चा बनी हुई थी. गुरुवार को मुख्य आरोपी की निशानदेही पर सुरतापुर गांव के समीप नहर में शव की तलाश शुरू की गयी. एसपी के निर्देश पर पहले नहर में पानी कम कराया गया. इसके बाद स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने अभियान चलाया और करीब 10 बजे नहर से चंदेश्वर का शव बरामद कर लिया. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की गयी.
बकाया मजदूरी को लेकर विवाद का आरोप
मृतक के पुत्र दीपक चौधरी ने आरोप लगाया है कि उसके पिता बकाया मजदूरी की रकम लेने अजीत तिवारी के पास गये थे. दीपक के अनुसार, उनके पिता पहले अजीत तिवारी के यहां सालाना मजदूरी पर काम करते थे, लेकिन बाद में काम छोड़कर गांव के ही दूसरे व्यक्ति के यहां मजदूरी करने लगे थे. इसी को लेकर विवाद बढ़ा. परिजनों का आरोप है कि मजदूरी के करीब 50 से 60 हजार रुपये बकाया थे और इसी रकम को लेकर विवाद के बाद चंदेश्वर की हत्या कर दी गयी. पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है.
घटना के बाद गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात
हत्या के बाद जोगिया गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. आक्रोशित लोगों की ओर से आरोपी के घर और वाहनों में आगजनी की घटना भी सामने आयी थी. इसके बाद गांव में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी है. पुलिस लगातार गश्त कर रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है. एसपी ने बताया कि प्राथमिकी में नामजद फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस का दावा है कि शेष आरोपितों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
