आक्रोश. हड़ताल के दूसरे दिन दुकानें बंद होने से लोगों को हुई परेशानी निर्धारित टैक्स से अधिक राशि की वसूली का कर रहे विरोध फोटो-12- हड़ताल पर बैठे व्यवसायी. प्रतिनिधि, कोचस. नगर प्रशासन के तानाशाही रवैये से क्षुब्ध और अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में व्यवसायियों ने दूसरे दिन रविवार को भी फल व सब्जी की दुकानों को बंद रखा. इस दौरान सैकड़ों व्यवसायी शहर के विभिन्न वार्डों में विरोध मार्च कर नगर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सब्जी मंडी पहुंचे, जहां इसका विस्तार रूप दिया गया. शहर में फल-सब्जी, सहित अन्य खाद्य सामग्रियों के ठेला दुकानदारों की दुकानें बंद होने से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है. फल और सब्जी की खरीदारी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोग इधर-उधर भटकते रहे. वहीं,दूसरे ओर यात्रियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सड़क किनारे फुटपाथी ठेला दुकानदारों के हड़ताल पर जाने से बोतल का पानी और अन्य खाने की वस्तुओं के लिए यात्री भटकते रहे. अस्पतालों में मरीजों को फल व दूध नहीं मिलने से उनके परिजनों को काफी परेशान देखा गया. इम्तियाज राइन, नुमान राइन, विनोद चौहान, विजय कुशवाहा, क्यामुद्दीन अंसारी, सलामत राइन, मुसा चौहान, अरविन्द कुमार, अर्जुन कुमार, मुन्ना बावड़ी, वकील अंसारी, अव्वास राइन, असगर राइन, रजनीकांत सिंह, अशोक साह, संतोष सिंह, अजीत सेठ समेत दर्जनों थोक व खुदरा दुकानदारों ने बताया कि परिवार का भरण-पोषण करने के लिए वह सड़क किनारे फुटपाथ पर ठेला लगाकर फल-सब्जी, अंडा आदि सामान बेचते हैं. लेकिन, उनसे निर्धारित टैक्स से अधिक राशि की जबरन वसूली और सड़क किनारे रिहायशी मकानों के मालिकों द्वारा दुकान लगाने के नाम पर टैक्स वसूला जाता है. स्थानीय पुलिस और नगर प्रशासन से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है. व्यवसायियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.
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