Sasaram News : किसान महासंघ ने सासंदों और विधायकों का फूंका पुतला

कदवन जलाशय परियोजना का विरोध करने को लेकर क्रांति दिवस के अवसर पर शनिवार को किसान महासंघ ने करगहर थाना पुल के समीप जिले के दोनों सासंदों व सात विधायकों का पुतला दहन किया.

करगहर. कदवन जलाशय परियोजना का विरोध करने को लेकर क्रांति दिवस के अवसर पर शनिवार को किसान महासंघ ने करगहर थाना पुल के समीप जिले के दोनों सासंदों व सात विधायकों का पुतला दहन किया. इस अवसर पर महासंघ के संस्थापक रामाशंकर सरकार ने कहा कि सोन नदी पर प्रस्तावित कदवन जलाशय परियोजना के लिए किसान महासंघ गत 15 वर्षों से संघर्षरत है. गत साल 11 नवंबर 2024 से 2 महीना के लिए सासाराम जिला मुख्यालय पर धरना दिया गया था. इसमें जिले के किसी भी जनप्रतिनिधि ने साथ नहीं दिया था. बल्कि, जिला के विकास कमेटी की बैठकों में उन्होंने जिला प्रशासन पर धरना को समाप्त करवाने में पूरा जोर लगा दिया था. इनमें से कुछ जनप्रतिनिधि तो स्वयं को किसान नेता भी बताते हैं. उन्होंने कहा कि वर्षा आधारित खेती की अनिश्चितता को देखते हुए ही अंग्रेजों ने सोन पर एनीकट बांध बनाकर अनेकों जिलों में नहरों से सिंचाई का पानी पहुंचाया था. बढ़ती जरूरत को देखते हुए बाद की सरकारों ने इंद्रपुरी बैराज बनाया. ये नहर सिंचाई के अलावा क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर को भी बनाकर रखते थे. लेकिन, बढ़ती मांगों के अनुरूप एक बार फिर सरकार ने 1990 में कदवन जलाशय (वर्तमान में इंद्रपुरी जलाशय) का शिलान्यास किया था. शुरू में कुछ काम होने के बाद पिछले 35 वर्षों से इसमें कोई काम नहीं हुआ. कई बार सरकारों ने फिर से काम शुरू करने की घोषणा की डीपीआर बनवाने की कवायद हुई. इसमें भी करोड़ों रुपये खर्च कर दिये गये. इन सब का विरोध और कदवन जलाशय के जल्दी निर्माण की मांग कर रहे किसान महासंघ के धरने के टेंट को जिला प्रशासन ने रात में उखड़वा दिया. धरनार्थियों का मानसिक तथा शारीरिक उत्पीड़न किया गया. बाजा टेंट आदि सामानों की जब्ती कर ली गयी. उन जब्त किये गये सामान को नही लौटाने का कार्य भी जिले के जनप्रतिनिधियों के नाक के नीचे हुआ. जबकि, सभी को दो-दो बार धरना की सूचना देते हुए मांग के समर्थन का अनुरोध किया गया था. इस पर भी धरना रुका नहीं. अभी सरकार के आश्वासन पर धरना भले स्थगित है, लेकिन जनप्रतिनिधियों के चेहरे से नकाब हट चुका है. किसान महासंघ आज के पुतला दहन कार्यक्रम के माध्यम से इन जनप्रतिनिधियों के विरोध करने का आह्वान करता है. मौके पर केंद्रीय सचिव कामेश्वर सिंह, जिला मीडिया प्रभारी कमलेश सिंह, करगहर प्रखंड अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह, श्याम बिहारी सिंह, शिवमुनि सिंह, भंते श्रीनिवास, कामेश्वर साह, लक्ष्मण भारती, विनोद सिंह, हरिद्वार सिंह, राजेश गुप्ता, राहुल पटेल आदि लोग मौजूद थे.

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