सासाराम नगर.
जिले के अधिकारी जमकर सड़क परिवहन अधिनियम की धज्जियां उड़ा रहे हैं. प्राइवेट नंबर प्लेट वाली गाड़ियों पर हूटर के साथ-साथ विभाग का बोर्ड लगाकर शान से पूरे जिले के साथ-साथ राज्य के अन्य क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं. जिले में अधिकारियों के घूमने के लिए ट्रैवल एजेंसी से किराये पर लिये गये 95 प्रतिशत वाहनों पर प्राइवेट नंबर प्लेट लगा हुआ. लेकिन, इन्हें कोई टोकने वाला नहीं है, जबकि आमलोगों की गाड़ियों से प्रतिदिन लाखों रुपये का जुर्माना वसूला जा रहा है और ट्रैफिक नियमों की घुटी पिलायी जा रही है. लेकिन, इन अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही हो, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं. सड़क पर दौड़ने वाली गाड़ियों पर सड़क परिवहन अधिनियम 1950 लागू होता है. इसी के तहत गाड़ियों पर जुर्माना से लेकर जब्ती तक के कार्य किये जाते हैं. लेकिन, जिले में इस अधिनियम में जिला परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बदलाव कर दिया है. यह नियम केवल आमलोगों पर लागू होता है. पिछले माह सड़क सुरक्षा माह के तहत जमकर जुर्माना वसूला गया और सरेआम ट्रैफिक नियम का पालन नहीं करने वाले लोगों को माला पहनाकर बेइज्जत किया गया. लेकिन, इस अभियान के दौरान एक भी सरकारी वाहनों पर कार्रवाई नहीं किया गया, जो इन नियमों का उल्लंघन कर समाहरणालय में खड़े रहते हैं. बल्की इसके ठीक उल्टा इन्हें इनाम के रूप में प्रत्येक माह भुगतान भी किया जाता है, जो सरकारी खजाना से आता है और इस खजाने का मालिक डीएम सासाराम हैं. उनके अनुमति के बिना इन गाड़ियों का भुगतान नहीं हो सकता है. प्राइवेट गाड़ियों का व्यवसायिक उपयोग पर 7000 तक जुर्मानाप्राइवेट नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का इस्तेमाल अगर व्यवसायिक रूप में होता है, तो इसपर 7000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है. इस संबंध में एमवीआइ केके त्रिपाठी ने बताया कि पहली बार पकड़े जाने पर 5000 से 7000 रुपये तक जुर्माना लगाया जाता है. अगर दोबारा पकड़ा गया, तो गाड़ी को जब्त कर वाहन मालिक व्यवसायिक नंबर लेने के लिए बाध्य किया जाता है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्राइवेट गाड़ियों पर हूटर, पुलिस लाइट या अन्य प्रकार के मोडिफिकेशन पर 2500 रुपये जुर्माना और जब्ती दोनों किया जा सकता है. हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि थानों में जब्त गाड़ियों को रखने की जगह नहीं है. ऐसे में जुर्माना कर छोड़ दिया जाता है.जांच के बाद होगी कार्रवाईप्राइवेट नंबर प्लेट लगी गाड़ियों पर अगर हूटर या पुलिस लाइट लगायी गयी है, तो उन पर नियमानुसार कार्रवाई होगी.
– राकेश कुमार सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी