Sasaram News : शुक्रवार की रात तेंदुनी चौक पर सियार के हमले की घटना के बाद शनिवार को पूरे दिन बिक्रमगंज और आसपास के इलाकों में इसी घटना की चर्चा होती रही. सियार द्वारा एक साथ करीब 14 लोगों को काटकर जख्मी किए जाने की खबर से लोगों में भय का माहौल बना रहा. शनिवार को लोग अकेले खेत-बधार जाने और सुनसान रास्तों से गुजरने से कतराते नजर आए. खासकर शाम होते ही ग्रामीण इलाकों में लोग समूह में आने-जाने लगे. घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं और लोग शुक्रवार रात की घटना को याद कर सहमे रहे.
तेंदुनी चौक पर अचानक पहुंचा और लोगों पर किया हमला
शुक्रवार की रात करीब आठ बजे बिक्रमगंज के तेंदुनी चौक पर अचानक एक सियार पहुंचा और देखते ही देखते लोगों पर हमला शुरू कर दिया. सियार ने चौक और आसपास मौजूद लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर काटना शुरू कर दिया. कुछ ही देर में करीब 14 लोग उसके हमले में जख्मी हो गए. अचानक हुए हमले से मौके पर अफरातफरी मच गयी. लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.
घायलों में राधेश्याम प्रजापति, सब्बू राजा, सुनील राम, कमरुद्दीन, साहिबा बानो, सुरेंद्र साह, छोटू कुमार, वीरेंद्र साह, अनवर मियां और अशोक कुमार सहित अन्य लोग शामिल हैं.
लोगों ने तलाश कर सियार को मार डाला
हमले के बाद स्थानीय लोगों ने सियार की तलाश शुरू कर दी. रात करीब नौ बजे तेंदुनी गांव में लोगों ने उक्त सियार को मार दिया. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. एसडीएम के निर्देश पर मृत सियार को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
सियार के काटने से व्यवसायी के पुत्र की हालत गंभीर
इस हमले में सबसे गंभीर रूप से घायल नगर के प्रतिष्ठित चंदन वस्त्रालय के संचालक के पुत्र सतीश कुमार हैं. सियार ने उनके निचले होंठ को बुरी तरह काट लिया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आयी है. उनका उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति गंभीर बतायी जा रही है. वहीं, अन्य घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बतायी गयी है.
कुछ घायलों ने अनुमंडलीय अस्पताल में उपचार कराया, जबकि कई लोगों द्वारा निजी क्लीनिकों में भी इलाज कराने की सूचना है.
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सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे अनुमंडलाधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडलाधिकारी दिलीप कुमार सक्रिय हुए. उन्होंने अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली. इसके बाद वे निजी क्लीनिकों में भी पहुंचे और वहां इलाज करा रहे घायलों का कुशल-क्षेम पूछा. उन्होंने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर आवश्यक निर्देश दिये.
वहीं, अनुमंडलीय अस्पताल के डीएस डॉ. अभिनंदन कुमार भी रात करीब 12 बजे तक अस्पताल में मौजूद रहे और घायलों के इलाज की व्यवस्था की निगरानी करते रहे. अस्पताल पहुंचे घायलों की चिकित्सकीय जांच के बाद आवश्यक उपचार किया गया तथा रैबीज रोधी इंजेक्शन भी लगाया गया.
आवेदन मिलने पर वन विभाग देगा मुआवजा
वन रेंज पदाधिकारी विनय कुमार ने बताया कि मृत सियार का वन्य प्राणी संपदा से संबंधित प्रावधानों के अनुरूप पोस्टमार्टम कराया गया और इसके बाद उसे दफना दिया गया. उन्होंने बताया कि सियार के हमले में घायल लोगों को उनकी स्थिति के अनुरूप वन विभाग से आर्थिक मुआवजा देने का प्रावधान है. इसके लिए संबंधित लोगों को आवेदन देना होगा.
उन्होंने बताया कि अभी तक किसी भी घायल व्यक्ति का आवेदन वन विभाग के कार्यालय में प्राप्त नहीं हुआ है. आवेदन मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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