Rohtas News : बिहार में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं. इसी कड़ी में बुधवार को बिक्रमगंज स्थित डॉ. मनोज पासवान के क्लिनिक में पूर्व जनप्रतिनिधियों और संभावित उम्मीदवारों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में पंचायत चुनाव की तैयारियों, संभावित परिसीमन और पंचायत स्तर के विभिन्न जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.
पूर्व मुखिया और संभावित उम्मीदवार रहे मौजूद
बैठक में जमोढ़ी पंचायत के पूर्व मुखिया सुनील प्रसाद, खैराभुधर पंचायत के पूर्व मुखिया साबिर हुसैन, सूर्यपुरा पंचायत के पूर्व मुखिया सरफराज अहमद, मरौना पंचायत के पूर्व मुखिया अंकित मिश्रा, भावी जिला परिषद उम्मीदवार गोल्डेन पासवान और रितेश कुशवाहा सहित कई पूर्व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
परिसीमन हो तो नियमों के तहत, चुनाव में न हो देरी
बैठक में शामिल सभी लोगों ने कहा कि यदि राज्य सरकार पंचायतों का परिसीमन करना चाहती है तो यह प्रक्रिया पूरी तरह विधि-सम्मत और नियमानुसार होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने मांग की कि परिसीमन के कारण त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए.
समय पर चुनाव से बनी रहेगी विकास की रफ्तार
वक्ताओं ने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं. समय पर चुनाव होने से जनप्रतिनिधियों की जनता के प्रति जवाबदेही बनी रहती है और विकास योजनाओं का संचालन भी प्रभावित नहीं होता. इसलिए चुनाव निर्धारित समय सीमा के भीतर ही कराए जाने चाहिए.
निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की मांग
बैठक में सरकार से निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध पंचायत चुनाव कराने की मांग की गई. साथ ही चुनावी प्रक्रिया और परिसीमन को लेकर जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया.
