एआइ से लोग 80 के दशका का अपनी फोटो सोशल साइट पर उपलोड कर रहे है. अंदाज में फोटो बनाने का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. लोग अपनी वर्तमान तस्वीरों को एआई की मदद से पुराने दौर के कपड़े, हेयरस्टाइल, रंग और सिनेमाई लुक में बदलाव रहे हैं. इससे लोगों को भारी नुकसान हो सकता है. इस संबंध में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रितेश कुमार ने कहा कि किसी व्यक्ति की फोटो में उसका चेहरा और अन्य पहचान योग्य विशेषताएं मौजूद होती हैं. इसलिए किसी ऑनलाइन आइ सेवा पर फोटो अपलोड करते समय यह समझना जरूरी है कि तस्वीर के साथ कौन-सा डेटा प्रोसेस और स्टोर किया जा सकता है.
संबंधित प्लेटफॉर्म डेटा का कर सकता है इस्तेमाल
खासकर उन यूजर्स को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए, जो अपनी निजी या संवेदनशील तस्वीरें सार्वजनिक एआइ सेवाओं पर अपलोड कर रहे हैं. यदि किसी सेवा की डेटा सेटिंग में यूजर की सामग्री को मॉडल सुधारने के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी गयी हो, तो यूजर को अपनी सेटिंग्स और संबंधित सेवा की मौजूदा प्राइवेसी पॉलिसी जरूर जांचनी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद डाटा ब्रीच का जोखिम पूरी तरह शून्य नहीं माना जा सकता. इसलिए फोटो अपलोड करने से पहले यह समझना जरूरी है कि संबंधित प्लेटफॉर्म आपके डेटा का किस तरह इस्तेमाल कर सकता है.
फोटो में छिपा हो सकता है मेटा डेटा
साइबर एक्सपर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन से ली गयीं तस्वीरों में कभी-कभी एक्सचेंजेबल इमेज फाइल फॉर्मेट मेटाडेटा मौजूद होता है. इसमें फोटो लेने का समय, कैमरा या डिवाइस से जुड़ी जानकारी और कुछ परिस्थितियों में लोकेशन जैसी जानकारी भी शामिल हो सकती है. हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि हर अपलोड की गई फोटो का पूरा एक्सचेंजेबल इमेज फाइल फॉर्मेट डेटा किसी सेवा द्वारा उसी रूप में रखा या इस्तेमाल किया जाए. इसके बावजूद, सुरक्षित तरीका यही है कि संवेदनशील तस्वीरों को अपलोड करने से पहले यूजर यह जांच ले कि उनमें अनावश्यक मेटाडेटा मौजूद तो नहीं है.
एआइ से फोटो बनवानी है तो अपनाएं ये सावधानियां
संभव हो तो फोटो का अनावश्यक एक्सचेंजेबल इमेज फाइल फॉर्मेट मेटाडेटा हटाकर ही अपलोड करें.
फोटो के बैकग्राउंड को अच्छी तरह जांचें. यदि उसमें निजी दस्तावेज, पता, पहचान संबंधी जानकारी या अन्य संवेदनशील चीजें दिखाई दे रही हों, तो उन्हें हटा दें या छिपा दें.
बच्चों या अन्य लोगों की तस्वीर अपलोड करने से पहले उनकी प्राइवेसी का भी ध्यान रखें.
चैट जीपीटी या किसी अन्य एआई प्लेटफॉर्म की मौजूदा डाटा कंट्रोल सेटिंग जांचें और उपलब्ध होने पर मॉडल सुधार के लिए डेटा उपयोग संबंधी विकल्पों को अपनी पसंद के अनुसार सेट करें.
अत्यधिक संवेदनशील तस्वीरों को किसी अनजान या अविश्वसनीय एआई वेबसाइट पर अपलोड करने से बचें
