Sasaram Sport Ground Waterlogged : नोखा नगर परिषद क्षेत्र का एकमात्र प्रमुख खेल मैदान इन दिनों खिलाड़ियों के लिए मुसीबत बन गया है. बाजार समिति खेल मैदान में पिछले पांच दिनों से घुटने भर पानी जमा है, जिससे खिलाड़ियों की रोजाना प्रैक्टिस पूरी तरह ठप हो गई है. हालात ऐसे हैं कि फुटबॉल, क्रिकेट, वॉलीबॉल और कबड्डी जैसे खेलों के खिलाड़ी मैदान में उतर ही नहीं पा रहे हैं, जबकि अग्निवीर और सिपाही भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं की दौड़ और फिजिकल अभ्यास भी रुक गया है.
लगातार बारिश के बाद मैदान की हालत बदतर हो गई है. जहां कभी खिलाड़ियों की आवाज गूंजती थी, वहां अब पानी भरा हुआ है और पूरा मैदान किसी तालाब जैसा नजर आ रहा है. इससे स्थानीय खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की चिंता बढ़ गई है.
खेल सुविधाओं की कमी लंबे समय से समस्या
नोखा का इतिहास भले ही पुराना और समृद्ध रहा हो, लेकिन खेल सुविधाओं के मामले में क्षेत्र आज भी पिछड़ा हुआ है. अंग्रेजी शासनकाल से लेकर आज तक यह इलाका प्रशासनिक रूप से विकसित जरूर हुआ है, लेकिन खिलाड़ियों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार नहीं हो सका.
करीब 40 साल पहले बने कृषि बाजार समिति परिसर का खाली हिस्सा ही आज पूरे प्रखंड के लिए एकमात्र खेल मैदान के रूप में इस्तेमाल हो रहा है. लगभग 56 हजार की आबादी वाले इस नगर क्षेत्र में कोई दूसरा समुचित खेल परिसर नहीं है, जिससे इस मैदान पर निर्भरता और भी बढ़ जाती है.
Agniveer Preparation Physical Practice Affected : हर साल बारिश में बन जाता है जलजमाव का केंद्र
स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है. हर साल बारिश के मौसम में मैदान में पानी भर जाता है और कई दिनों तक स्थिति ऐसी ही बनी रहती है. मैदान में मिट्टी भराई तो कराई गई, लेकिन पानी निकासी के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई.
नाला नहीं होने के कारण हल्की बारिश में भी पानी जमा हो जाता है और धीरे-धीरे पूरा मैदान जलमग्न हो जाता है. इससे न सिर्फ खेल गतिविधियां प्रभावित होती हैं, बल्कि मैदान की स्थिति भी खराब होती जा रही है.
Sasaram News : खिलाड़ियों और युवाओं की तैयारी पर असर
इस मैदान पर रोजाना दर्जनों खिलाड़ी अभ्यास करते हैं. खासकर वे युवा जो अग्निवीर, सिपाही भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के फिजिकल टेस्ट की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह मैदान बेहद महत्वपूर्ण है. जलजमाव के कारण उनकी तैयारी पूरी तरह प्रभावित हो गई है.
राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों का कहना है कि अभ्यास रुकने से उनके प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ेगा. वहीं शाम के समय टहलने आने वाले बुजुर्गों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
खिलाड़ियों ने बताई अपनी परेशानी
खेल शिक्षक राजू तिवारी का कहना है कि मैदान में पानी भर जाने से प्रैक्टिस पूरी तरह बंद हो गई है. प्रतियोगिताएं नजदीक हैं, लेकिन खिलाड़ी बिना अभ्यास के लौट रहे हैं.
खिलाड़ी आरिफ खान ने बताया कि दौड़ की तैयारी पूरी तरह रुक गई है. अगर जल्द पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हुई, तो उनकी तैयारी पर बड़ा असर पड़ेगा.
फुटबॉल कोच ओमप्रकाश चौधरी ने कहा कि हर साल यही समस्या सामने आती है. मिट्टी भराई के बावजूद नाला नहीं बनाया गया, जिससे पानी निकल नहीं पाता. उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की.
महिला फुटबॉल खिलाड़ी रूबी कुमारी ने भी चिंता जताते हुए कहा कि पांच दिनों से मैदान में पानी भरा है. सीमित संसाधनों के बावजूद यहां के खिलाड़ी हर साल बेहतर प्रदर्शन करते हैं, लेकिन अब अभ्यास बंद होने से उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है.
समाधान की मांग तेज, प्रशासन की ओर टिकी निगाहें
स्थानीय खिलाड़ियों और लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि हर साल होने वाली इस समस्या से निजात मिल सके. खेल मैदान को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है.
