Sasaram News : डेहरी-डालमियानगर शहर को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए लगाए गए रंगीन एलईडी स्ट्रीट लाइट अब लोगों की लापरवाही का शिकार बनते जा रहे हैं. नगर परिषद की ओर से प्रमुख सड़कों और चौक-चौराहों पर लगाए गए इन लाइट पोलों का गलत इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. बिना अनुमति बैनर और होर्डिंग टांगने के साथ-साथ धार्मिक आयोजनों के दौरान लाउडस्पीकर बांधने से कई जगहों पर ये लाइटें खराब हो चुकी हैं. इसका सीधा असर शहर के सौंदर्यीकरण पर साफ तौर पर देखा जा रहा है.
शहर के थाना चौक से लेकर अंबेडकर चौक तक डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट पोल सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं. यहां कई लोगों ने अपने निजी प्रचार के लिए बिना अनुमति बैनर और होर्डिंग लगा दिए हैं. इसके अलावा धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान इन्हीं पोलों पर रस्सी बांधकर लाउडस्पीकर टांग दिए जाते हैं, जिससे लाइटों की वायरिंग और फिटिंग को नुकसान पहुंच रहा है.
कई जगह लाइटें हो चुकी हैं पूरी तरह खराब
स्थिति यह हो गई है कि कई पोलों की लाइटें पूरी तरह बुझ चुकी हैं, जबकि कई जगह आधी-अधूरी रोशनी ही दिखाई देती है. कर्पूरी चौक से झारखंडी मंदिर जाने वाले रास्ते में बीसवां फाटक के पास पुल पर लगे एक पोल पर राजनीतिक होर्डिंग लगाने के कारण वहां की रंगीन लाइट पूरी तरह खराब हो चुकी है.
इसी तरह हदहदवा पुल, पाली रोड फोरलेन के संपर्क पथ, स्टेशन रोड और कलकतिया पुल जैसे कई अन्य इलाकों में भी यही हाल देखने को मिल रहा है. शाम के समय ये रंगीन लाइटें शहर की सुंदरता में चार चांद लगाती थीं, लेकिन अब लगातार हो रहे नुकसान से इनका प्रभाव कम होता जा रहा है.
लोगों ने जताई नाराजगी
स्थानीय व्यवसायियों में इसको लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है. वीरेंद्र कुमार सोनी, राजू कश्यप, अंबुज साहू, सत्येंद्र कश्यप, घूरा साव, विजय सिंह, संतोष सिंह और नीलू साव जैसे लोगों का कहना है कि नगर परिषद शहर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है.
उनका मानना है कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सरकारी संपत्ति की सुरक्षा करे. उन्होंने अपील की कि लोग स्ट्रीट लाइट पोलों पर बैनर, होर्डिंग या लाउडस्पीकर बांधने से बचें ताकि शहर की खूबसूरती बनी रहे.
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
इस मामले में नगर परिषद की मुख्य पार्षद शशि कुमारी ने साफ चेतावनी दी है कि स्ट्रीट लाइट पोलों पर किसी भी तरह का विज्ञापन लगाना या लाउडस्पीकर बांधना नियमों के खिलाफ है. इससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है और शहर का सौंदर्य भी प्रभावित होता है.
उन्होंने कहा कि लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है, लेकिन अगर इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन जारी रहा तो ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सौंदर्यीकरण योजना पर पड़ रहा असर
नगर परिषद द्वारा शहर को आधुनिक और आकर्षक बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर इस तरह की लापरवाही पानी फेर रही है. यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो आने वाले दिनों में और अधिक नुकसान हो सकता है.
