अपग्रेड होने का इंतजार कर रहा एपीएचसी दरिहट, 17 दिन बाद भी जांच रिपोर्ट नदारद

SASARAM NEWS.वर्ष 2023 में डेहरी के तत्कालीन एसडीएम सूर्य प्रताप सिंह ने डीएम व सीएस को पत्र लिखकर एपीएचसी दरिहट को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए पत्र लिखा था. जिसमें हवाला दिया गया था कि अनुमंडलीय अस्पताल बनने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डेहरी में चिकित्सा कार्य बंद है.

वर्ष 2023 में एसडीएम व 2025 में विधायक ने डीएम-सीएस को लिखा था पत्र

विधायक के पत्र पर 24 दिसंबर 2025 को एपीएचसी की हुई थी जांच, डीएम ने तीन दिनओ में मांगी थी रिपोर्ट

अकोढ़ीगोला.

वर्ष 2023 में डेहरी के तत्कालीन एसडीएम सूर्य प्रताप सिंह ने डीएम व सीएस को पत्र लिखकर एपीएचसी दरिहट को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए पत्र लिखा था. जिसमें हवाला दिया गया था कि अनुमंडलीय अस्पताल बनने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डेहरी में चिकित्सा कार्य बंद है. लेकिन, एसडीएम के पत्र पर स्वास्थ्य विभाग में हरकत लगभग शून्य रहा. करीब दो साल बाद डेहरी की राजनीति बदली. ग्रामीणों की मांग पर 22 दिसंबर 2025 को नये विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह ने डीएम से मिलकर एपीएचसी को पीएचसी में बदलने का आग्रह किया. डीएम ने तत्काल सीएस को कार्रवाई का निर्देश दिया. सीएस ने भी तत्परता दिखाई और 23 दिसंबर 2025 को जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को पत्र प्रेषित कर जांच कर तीन दिनों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया. पत्र के आलोक में 24 दिसंबर 2025 को जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी केआरपी शाही, अनुमंडल अस्पताल डेहरी के प्रभारी संजीव कुमार, जिला योजना समन्वयक संजीव कुमार मधुकर की टीम अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरिहट का जांच करने पहुंची. टीम को जांच रिपोर्ट में अस्पताल के क्षेत्र अंतर्गत कितने पंचायत हैं? कितनी आबादी प्रभावित होती है? अस्पताल के उपस्कर, डेहरी अनुमंडल अस्पताल से एपीएचसी की दूरी, मानक के अनुरूप एंबुलेंस आदि विषयों को रेखांकित करना था. टीम जांच कर लौट गयी. पर अब 17 दिन बीतने के बाद भी रिपोर्ट डीएम तक नहीं पहुंची. जबकि, सीएस के पत्र में यह साफ स्पष्ट लिखा था कि तीन दिनों के अंदर में जांच रिपोर्ट देनी है, जिसे डीएम के समक्ष प्रस्तुत करना है. बावजूद इसके जांच रिपोर्ट अब तक तैयार नहीं हो सकी है.

अनुमंडल अस्पताल से 12 किलोमीटर दूर है एपीएचसी

डेहरी अनुमंडल अस्पताल से अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरिहट की दूरी 12 किलोमीटर है. एपीएचसी परिसर में वर्ष 2022 में करीब एक करोड़ 17 लाख रुपये की लागत से मॉडल अस्पताल का भवन बना था. भवन में दो एसी रूम समेत कुल 15 कमरें हैं. सभी प्रकार के उपस्कर समेत पैथोलॉजी भी अलग हैं. एक करीब दस बेड वाला कमरा भी है. एपीएचसी में बरावं कला, मझिआंव, दरिहट पंचायत समेत बेरकप पंचायत के कई गावों के ग्रामीण इलाज कराने आते हैं. पीएचसी बनने से करीब पचास हजार लोगों इसका लाभ मिल सकता है.

समय नहीं मिलने से नहीं बन सकी है रिपोर्ट

दरिहट एपीएचसी को पीएचसी अपग्रेड करने के लिए जांच रिपोर्ट के बारे में जांच टीम के प्रमुख जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी केआरपी शाही ने कहा कि समय नहीं निकल रहा था. वैसे हर पत्र का उत्तर तीन दिन, पांच दिन या सात दिनों में देना होता है. दरहिट अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जांच रिपोर्ट आज बनाऊंगा. समय मिलेगा तब ही न रिपोर्ट बनेगी.

मंत्री व सचिव से होगी शिकायत

एपीएचसी दरिहट की जांच रिपोर्ट 17 दिन में भी नहीं सौंपने पर विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह ने कहा कि हद दर्जे की लापरवाही है. यह अफसरों की कार्यशैली को दर्शा रहा है. इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री व सचिव से की जाएगी.

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By Vikash kumar

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