शहर के चलनिया रामेश्वर गंज में आयोजित हो रहा महायज्ञ
पीतांबर वस्त्र में कलश लिये श्रद्धालु बढ़ रहे थे आगेफोटो-14 – जलभरी में शामिल श्रद्धालुए- जलभरी में शामिल श्रद्धालुबी- जलभरी यात्रा में शामिल हाथी
आज से 151 यज्ञशालाओं में महायज्ञ प्रारंभप्रतिनिधि, सासाराम ग्रामीण
शहर के चलनिया रामेश्वरगंज में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ को लेकर सोमवार को भव्य जलभरी यात्रा निकाली गयी. जलभरी यात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. 10 हजार से अधिक महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने माथे पर कलश रख यात्रा में भाग लिया. वेद सारे रामायण, लक्ष्मी नारायण नारायण नारायण, ओम नमो नारायण सहित भक्ति गीतों की गूंज से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा. जलभरी यात्रा चलनिया स्थित यज्ञ मंडप से प्रारंभ होकर एसपी जैन कॉलेज मोड़, न्यू एरिया मोड़, धर्मशाला, पोस्ट ऑफिस, करगहर मोड़, फजलगंज होते हुए वेदा सूर्य मंदिर पहुंची. वहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी ने सूर्य मंदिर तालाब से जलभरी करायी. इसके बाद महिलाएं कलश लेकर फजलगंज, प्रभाकर मोड़, बस्ती मोड़, जानी बाजार, नवरतन बाजार, गोला थाना होते हुए पुनः यज्ञ मंडप पहुंचीं. वैदिक परंपरा के अनुसार सबसे आगे अश्व, गज व ऊंट के साथ श्रद्धालु चल रहे थे.मंगलवार से 151 यज्ञशालाओं में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ प्रारंभ होगा. 23 जनवरी को संत सम्मेलन व 24 जनवरी को पूर्णाहुति व भंडारा का आयोजन होगा. यज्ञ समिति के अनुसार उत्तर प्रदेश के काशी, अयोध्या, मथुरा, वृंदावन, हरिद्वार तथा बिहार के बक्सर सहित विभिन्न स्थानों से संत-महात्माओं का आगमन होगा. महायज्ञ स्वामी जी महाराज के संकल्प से आयोजित किया गया है. जलभरी यात्रा में संरक्षक सहदेव सोनकर, शिवनारायण तिवारी, अध्यक्ष शिवनाथ चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष बेचू महतो, महामंत्री श्यामा सोनकर, कोषाध्यक्ष सुशील सोनी, पंकज उर्फ पिंटू सोनी, ध्रुव सिंह, अनिल कुशवाहा, लेखापाल सुरेन्द्र पांडेय सहित हजारों संत व श्रद्धालु शामिल थे.
भागवत कथा सुनने से जीवन होता है धन्य: जीयर स्वामी
कथा से हृदय के विकार होते हैं दूर
शहर के चलनिया रामेश्वरगंज में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के प्रथम दिन सोमवार को प्रवचन के दौरान श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा में भगवान के अवतारों की कथा बार-बार सुननी चाहिए. इससे हृदय का विकार दूर होता है और जीवन में शांति आती है. उन्होंने कहा कि जिस घर में सुमति अर्थात पूरा परिवार मिलकर रहता है, वहां लक्ष्मी का वास होता है. जीयर स्वामी ने कहा कि कथा एक संस्कार है और ईश्वर की कृपा है, जिसे बार-बार सुनने से जीवन में शालीनता, सादगी और विनम्रता आती है. जैसे वाल्मीकि जी ईश्वर का नाम जपते-जपते गलत मार्गों से हटकर प्रशस्त मार्गों के अधिकारी बन गये. अंगुलिमाल डाकू गौतम बुद्ध के उपदेशों को सुन कर अहिंसा का पुजारी बन गया. कालिदास ने अपनी पत्नी की कृपा से जीवन को धन्य कर लिया. इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को श्रीमद्भागवत कथा सुननी चाहिए. कर्म के बारे में बताते हुए कहा कि इसका फल अकाट्य होता है. जो जैसा कर्म करेगा वैसा फल मिलेगासाथ ही मांसाहार से दूर रहने और प्रत्येक जीव के जीवन अधिकार का सम्मान करने की सीख दी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
