दरिहट भुइयां टोली में सुबह छह बजे ही शराबियों का लग जाता जमघट

बिहार में वर्षों से शराबबंदी है. इसके बावजूद शराब की खूब बिक्री हो रही है. दरिहट की भुइयां टोली शराब की मंडी बनी है

ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी पुलिस नहीं करती है कार्रवाई अकोढ़ीगोला. बिहार में वर्षों से शराबबंदी है. इसके बावजूद शराब की खूब बिक्री हो रही है. दरिहट की भुइयां टोली शराब की मंडी बनी है. यहां सुबह छह बजे ही शराबियों का जमघट लग जाता हे. भुइयां टोली में करीब पचास परिवार रहता है, जिसमें कई परिवार महुआ शराब बनाने और बेचने के काम करता है. शराब से ही उनका घर परिवार का खर्च चलता है. इस शराब के धंधे से अगल बगल रहने वाले संभ्रांत लोगों को परेशानी होती है. शराब के नशे में धुत शराबी आते जाते है और गाली गलौज करते रहते हैं. कई बार लोगों को शराबियों से झड़प भी होती रही है. लेकिन, शराब की लत से मजबूर शराबी अपने शराब के अड्डा भुइयां टोला पर पहुंच जाते है. वहीं, लोगो की शिकायत पर पुलिस कभी कभार छापेमारी करती है. वहां से कई बार शराब के साथ पुरुषों व महिलाएं पकड़ी गयी है. इसमें एक-दो महिलाएं तो कई बार जेल की चक्कर काट चुकी है. फिलहाल जमानत पर है. इसके बाद भी भुइयां टोली में शराब का धंधा खूब फल फूल रहा है. भुइयां टोली में शराब बनाने और बेचने का धंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है. क्या कहते हैं ग्रामीण –यहां रात के दो बजे से ही महुआ शराब बने लगती है. सुबह छह बजे से रात के 10 बजे तक शराबियों का आना-जाना रहता है. यहां दूर-दूर से शराब पीने बाइक से शराबी आते हैं, जो शराब के नशे में गाली गलौज करते आते जाते है. इससे हमलोगों को दिक्कत महसूस होती है. शराब बेचने और शराबियों के बारे में सूचना देने के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है. हां, पुलिस भुइयां टोली जाती जरूर है, लेकिन बस राउंड मार कर वापस चली जाती है. अनिल कुमार सिंह, ग्रामीण –भुइयां टोली के समीप हमलोगों का घर है. भुइयां टोली शराब की मंडी बन गयी है. यहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग शराब पीने आते है. यहां दिन रात एक समान शराब बिकती है. शराबी जब आते उन्हें शराब मिल जाती है. शराब के नशे में शराबी आते जाते हैं. इससे हमलोगों को परेशानी होती है. जब शराब बिकती थी, तब एक काउंटर होता था. शराबबंदी में यहां कई घरों में शराब का काउंटर खुला है. बिनोद सिंह, ग्रामीण बोले अधिकारी– भुइयां टोली में शराब बिकने की शिकायत मिलने की सूचना के बाद अधिकारियों को भेजा था. लेकिन वैसा कुछ बरामद नहीं हुआ. हमारी नजर भुइयां टोला पर है. वहां छापेमारी कर धंधेबाजों को पकड़ा जायेगा. थानाध्यक्ष, कुमारी नेहा सिन्हा

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Published by: Anurag sharan

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