Rohtas News : रोहतास जिले के कोचस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना (पीएमएसएमए) के तहत 44 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व (एएनसी) जांच की गई. जांच के दौरान सात महिलाओं को हाई रिस्क श्रेणी में पाया गया, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करने का निर्णय लिया गया. वहीं, सीएचसी में अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ा.
Sasaram News : 44 गर्भवती महिलाओं की हुई विस्तृत स्वास्थ्य जांच
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. तुषार कुमार ने बताया कि प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंची गर्भवती महिलाओं का ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हिमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप, वीडीआरएल, यूरिन, आरएच फैक्टर और टीबी स्क्रीनिंग समेत कई जरूरी जांच की गई. जांच के बाद सभी महिलाओं को आयरन और कैल्शियम की दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं.
7 महिलाओं को हाई रिस्क श्रेणी में किया गया चिन्हित
स्वास्थ्य जांच के दौरान सात गर्भवती महिलाओं को उच्च जोखिम वाला पाया गया. चिकित्सकों ने उन्हें अगले दिन अस्पताल में भर्ती होकर आवश्यक इलाज कराने की सलाह दी, ताकि मां और शिशु दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
गर्भावस्था और परिवार नियोजन की दी गई जानकारी
चिकित्सकों ने जांच के दौरान गर्भावस्था में बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में महिलाओं को जागरूक किया. साथ ही प्रसव के बाद परिवार नियोजन की स्थायी और अस्थायी विधियों की भी जानकारी दी गई.
अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं, निजी केंद्रों पर जाने को मजबूर महिलाएं
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को तेज धूप में निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों तक जाना पड़ा. इस व्यवस्था को लेकर महिलाओं ने नाराजगी जताई और सरकारी अस्पताल में ही अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की.
स्वास्थ्यकर्मी रहे मौजूद
इस दौरान बीएचएम मतिऊर रहमान ताज, बीसीएम अजय कुमार, एएनएम संगीता कुमारी, ज्योति कुमारी, रिंकी कुमारी, चिंता देवी, प्रभु कुमार, मनोज कुमार सिंह सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे और जांच अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कराया.
