गंगा व घाघरा उफनायी, खतरे के निशान के पास पहुंचा दोनों नदियों का जल स्तर

राज्य के कई जिलों और पड़ोसी राज्यों में हो रही बारिश और डैम से छोड़ जा रहे हैं. पानी का असर नदियों के जल स्तर पर देखने को मिल रहा है.

छपरा. राज्य के कई जिलों और पड़ोसी राज्यों में हो रही बारिश और डैम से छोड़ जा रहे हैं. पानी का असर नदियों के जल स्तर पर देखने को मिल रहा है. गंडक के साथ गंगा भी रौद्र रूप लेते जा रही है और उससे मिली हुई घाघरा यानी सरयू नदी भी सब कुछ लीलने के लिए बढ़ती जा रही है. बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के अनुसार गंगा नदी गांधी घाट और अन्य जगहों पर खतरे के निशान के आसपास पहुंच चुकी है और हर दिन अपने जलस्तर में वृद्धि कर रही है. गंगा के जल स्तर में वृद्धि होने का असर उससे मिलती हुई नदी घाघरा पर देखने को मिल रहा है और यह बेतहाशा बढ़ते जा रही है. शुक्रवार को शहर से सटे रिविलगंज प्रखंड के दीलिया रहीमपुर और जान टोला पंचायत में प्रभात खबर की टीम पहुंची और वहां के लोगों के हाल-चाल को जाना. लोग डर गये हैं. सबसे अधिक किसान भयभीत है. प्रशासन की तरफ सबकी नजर है, क्योंकि नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. अभी भी राइजिंग पोजीशन में है. जिलाधिकारी ने एसडीओ को किया अलर्ट : जिलाधिकारी अमन समीर ने नदियों के जल स्तर में वृद्धि को देखते हुए सदर एसडीओ नीतीश कुमार को एक आदेश पत्र जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि विशेष शाखा से प्राप्त सूचनानुसार राज्य की गंगा, बागमती, गंडक, कोसी और अन्य नदियों के जल स्तर में लगातार वृद्धि होने के कारण कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. ऐसे में सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से कुछ कदम उठाना आवश्यक हो गया है. नदियों का जल स्तर बढ़ने के कारण कहीं कहीं सड़क, पुल-पुलिया एवं डायवर्सन पर पानी बह रहा है जिससे आवागमन में कठिनाई बढ़ी है. कई क्षेत्रो में लोग अपने दिनचर्या के कामों, जीविकोपार्जन, कृषि कार्यों एवं परंपराओं से जुड़े त्योहारों के कारण नौका यातायात का उपयोग करते हैं और नाव से एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाते हैं. ऐसी भी सूचना मिली है कि नदियों के बढ़े जल स्तर में भी दियारा क्षेत्र के नाविकों द्वारा नावों पर भार क्षमता से अधिक सवारी बैठका कर परिवहन कराया जा रहा है. कहीं कहीं नाव पर वाहन एवं जानवरों को भी लोड कर परिचालन किये जाने की सूचना है. निजी नाव मालिकों द्वारा क्षमता से अधिक लोगों के नाव पर सवार हो कर आन जाने के कम में कभी भी अप्रत्याशित दुर्घटना घटने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. नौका संचालन के लिए नाविकों और यात्रियों में जागरूकता का अभाव, नाव सुरक्षा नियमों की अनदेखी, नाव में समुचित सुरक्षा के उपकरणों का अभाव, ओवरलोडिंग, एक ही नाव में मनुष्य और जानवर दोनों का यात्रा करना आदि के कारण दुर्घटना की संभावना प्रबल हो जाती है और कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है. इस पर सख्ती से रोक लगायी जाये. कई जगह नदियों के घाटों पर स्थानीय छोटे-छोटे बच्चों के द्वारा छलांग लगा कर नदी में तैराकी किए जाने एवं स्नान करने की आसूचना है जिससे भी दुर्घटना संभावित है. उक्त दृष्टान्तों के आलोक में प्रशासनिक स्तर पर यथेष्ट कार्रवाई अपेक्षित है. उन्होंने एसडीओ को आदेशित करते हुए कहा है कि नदियों में नावों के परिचालन पर विशेष ध्यान दिया जाय तथा आदर्श नौका परिचालन नियमावली, 2011 के प्रावधानों का अक्षरशः अनुपालन कराया जाय. घाटों पर चल रही सभी नावों को निबंधित किया जाय और नावों के परिचालन में सुरक्षा के सभी मानदंडों का पालन किया जाय. इसके साथ ही घारों पर बैनर लगा कर सुरक्षा के उपायों की जानकारी जनसाधारण को देते हुए बढ़े हुए जल स्तर की नदियों में स्नान करने के दुष्परिणाम से अवगत कराने और बच्चों को नदी घाटों से दूर रहने की उद्घोषणा कराते हुए इन पर रोक लगायी जाये. सूर्यास्त के बाद नावों का परिचालन बंद रखने, अवैध और ओवरलोडेड नावों के परिचालन पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने और नावों में वाहनों तथा पशुओं की लोडिंग पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई करने के साथ साथ निबंधित नावों में क्षमता से व्यक्ति सवार नहीं हो पाये. इस दिशा में तत्काल कार्रवाई करना सुनिश्चित की जाये. यदि आवश्यक हो तो विभिन्न संवेदनशील घाटों पर चौकीदारों की भी प्रतिनियुक्ति करें ताकि कोई दुर्घटना घटित नहीं हो और विधि व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न नहीं होने पाये. यह है वर्तमान स्थिति : मिली जानकारी के अनुसार गंगा नदी गांधी घाट के पास की जल स्तर में अधिक वृद्धि हो रही है यहां 48.60 मीटर के जलस्तर को खतरे के निशान माना गया है और फिलहाल 18 जुलाई की सुबह 6:00 बजे तक 48.76 मीटर जल स्तर है. यानी खतरे के निशान से ऊपर पानी बह रहा है. यह भी कहा जा सकता है कि हाइएस्ट फ्लड लेवल 50.52 के नजदीक है ऐसे में अधिकारियों का टेंशन बढ़ना लाजिमी है. इससे सारण जिले के एनएच 19 से सटे सभी प्रखंड प्रभावित होंगे. ऐसे प्रखंडों को हाइ अलर्ट मोड में रख दिया गया है. बात करें घाघरा यानी सरजू नदी की तो इसके जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. घाघरा छपरा के जलस्तर के खतरे का निशान 53.68 मीटर है अभी 51.66 तक पहुंच गया है. वहीं सिसवन घाघरा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है यहां 57.04 खतरे का निशान है और 54.5 तक जल स्तर पहुंच गया है. बात करें गंडक हाजीपुर की तो इसका खतरे का निशान 50.32 है. वर्तमान स्थिति 48.76 मीटर है. इसी तरह गंडक रीवा का खतरे का निशान 54.41 है वर्तमान स्थिति 52.44 मीटर है आंकड़ों में स्थिति नदी का नाम खतरे का निशान वर्तमान स्थिति गंगा नदी, गांधी घाट 48.60 48.76 गंडक, हाजीपुर 50.32 48.64 गंडक, रेवा 54.41 52.44 घाघरा, सिसवन 57.04 54.5 घाघरा, छपरा 53.68 51.66

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By Amlesh prasad

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