सारण : एक सप्ताह का आश्वासन, 10 दिन बाद भी नहीं खुला रास्ता, पांच साल से जलजमाव झेल रहे मांझी के लोग

Manjhi Waterlogging : सारण के मांझी नगर पंचायत में पांच साल से मुख्य पथ जलजमाव से जूझ रहा है. प्रशासन के लिखित आश्वासन के 10 दिन बाद भी स्थिति जस की तस है, जिससे स्कूली बच्चों और मरीजों की परेशानी बढ़ गई है. नगर पंचायत की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल, जनता को कब मिलेगी राहत?

Manjhi Waterlogging : सारण के मांझी नगर पंचायत में जलजमाव की समस्या को लेकर नगर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं. माली टोला से हसन अली बाजार तक मुख्य पथ करीब पांच वर्षों से जलजमाव की समस्या से जूझ रहा है. नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर पानी हटाकर आवागमन बहाल कराने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन 10 दिन गुजरने के बाद भी सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. इससे स्कूली बच्चों, मरीजों और आम राहगीरों की परेशानी बढ़ गयी है.

एक सप्ताह का आश्वासन, 10 दिन बाद भी राहत नहीं

माली टोला से हसन अली बाजार तक मुख्य पथ पर लंबे समय से जलजमाव की समस्या बनी हुई है. नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी ने संबंधित मामले में लिखित रूप से कहा था कि पंपिंग सेट के जरिये युद्धस्तर पर पानी की निकासी करायी जा रही है और एक सप्ताह के भीतर जलजमाव हटाकर आवागमन सामान्य कर दिया जायेगा. ग्रामीणों के अनुसार, आश्वासन की समय सीमा बीतने के बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस है.

पांच साल से पानी में डूबी सड़क

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मुख्य पथ करीब पांच वर्षों से जलजमाव की समस्या से प्रभावित है. सड़क पर पानी जमा रहने के कारण लोगों को आवागमन में लगातार परेशानी हो रही है. बारिश के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है.

जनता दरबार में उठाया गया था मामला

धरनी दास के मठिया निवासी बसंत कुमार ने जनता दरबार में आवेदन देकर इस समस्या को उठाया था. उन्होंने नवगठित नगर पंचायत मांझी के अंतर्गत आने वाले सरकारी पोखरों की सर्वे मैप के अनुसार पैमाइश कराने और अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की थी. इसके साथ ही माली टोला से हसन अली बाजार तक करीब पांच वर्षों से बंद मुख्य पथ से पानी की निकासी कराने की भी मांग की गयी थी.

सरकारी पोखरों की पैमाइश को लेकर भी प्रक्रिया

नगर पंचायत की ओर से जिला योजना पदाधिकारी, सारण को भेजे गये प्रतिवेदन में सरकारी पोखरों की पैमाइश से जुड़ी कार्रवाई का उल्लेख किया गया है. प्रतिवेदन के अनुसार, सतनही पोखरा, गोढ़ा पोखरा, दुधई पोखरा, सुधर छपरा पोखरा, उत्तर टोला लम्बोईया पोखरा और दीघा पोखरा से जुड़े अतिक्रमित सरकारी पोखरों की पैमाइश के लिए अंचलाधिकारी को कई बार पत्राचार किया गया है.

दीघा पोखरा की नापी पूरी, रिपोर्ट का इंतजार

नगर पंचायत के प्रतिवेदन में बताया गया है कि दीघा पोखरा की पैमाइश हो चुकी है, लेकिन अंचल कार्यालय से आधिकारिक नापी प्रतिवेदन अभी प्राप्त होना बाकी है. प्रशासनिक स्तर पर यह प्रक्रिया लंबित रहने से सरकारी पोखरों से जुड़े अतिक्रमण और जलनिकासी की समस्या के समाधान में भी देरी हो रही है.

पंपिंग सेट लगाने का दावा, लेकिन पानी अब भी जमा

नगर पंचायत की ओर से प्रतिवेदन में कहा गया था कि जलजमाव वाले मार्ग पर आम लोगों का आवागमन सुचारू करने के लिए लगातार पंपिंग सेट से जल निकासी करायी जा रही है. हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सप्ताह पंपिंग सेट लगाया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद उसे दूसरी जगह भेज दिया गया. सड़क से अब तक पूरा पानी नहीं निकल सका है.

स्कूली बच्चों और मरीजों की बढ़ी परेशानी

मुख्य पथ बंद होने से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को हो रही है. लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण लोगों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ता है. इससे रोजमर्रा के आवागमन में अतिरिक्त समय और परेशानी दोनों बढ़ रहे हैं.

नगर पंचायत की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल निकासी के लिए लगातार पंपिंग सेट चलाया जाता और समय पर पानी निकाला जाता तो समस्या इतनी लंबी नहीं खिंचती. लिखित आश्वासन के बाद भी सड़क चालू नहीं होने से लोगों में नगर पंचायत के प्रति नाराजगी बढ़ रही है.

छुट्टी से लौटने के बाद संज्ञान लेने की बात

इस मामले में कार्यपालक पदाधिकारी रक्षा लोहिया से फोन पर बात की गयी. उन्होंने बताया कि वह फिलहाल छुट्टी पर हैं. उनके अनुसार, वापस आने के बाद मामले पर संज्ञान लिया जायेगा.

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By चंद्रशेखर कुमार

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