Saran News: जयप्रकाश विश्वविद्यालय का प्रवेश मार्ग पूरी तरह जर्जर और कुव्यवस्था का शिकार हो चुका है. विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के दोनों ओर भारी जलजमाव व कीचड़ जमा हो चुका है. इससे दैनिक कार्यों के लिए आने वाले छात्रों व विश्वविद्यालय कर्मियों को आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. विश्वविद्यालय के अधिकतर वरिष्ठ पदाधिकारी चार पहिया वाहनों से आवाजही करते हैं, जिसके कारण उन्हें जमीनी स्तर पर हो रही इस बड़ी समस्या का अहसास नहीं हो रहा है.
कीचड़ में गिरकर हुए चोटिल
पैदल, बाइक या ई-रिक्शा से विश्वविद्यालय कैंपस में जाने वाले छात्र-छात्राएं लगातार दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं. शनिवार को भी विश्वविद्यालय के एकेडमिक सेल में गये कुछ छात्र-छात्राएं कीचड़ में फिसलकर गिर गये और चोटिल हो गये. इस घटना से आक्रोशित छात्रों ने तुरंत विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सेल में अपनी लिखित शिकायत दर्ज करायी. छात्रों का कहना था कि सामान्य दिनों में धूल और बरसात के दिनों में जलजमाव के कारण यहां चलना पूरी तरह दूभर हो जाता है.
गेट के वीआईपी नियम पर आपत्ति
छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि विश्वविद्यालय में प्रवेश के दो मुख्य रास्ते हैं और दोनों पर बड़े गेट लगे हैं. लेकिन जिस गेट से प्रवेश पूरी तरह आसान है, उसे सिर्फ वीआईपी अधिकारियों के आने-जाने के लिए रिजर्व रखा गया है. जब बड़े अधिकारी आते हैं, तभी वहां तैनात सुरक्षा गार्ड उस गेट को खोलते हैं. आम छात्र-छात्राओं और छोटे कर्मचारियों को जानबूझकर जर्जर हो चुके कीचड़युक्त रास्ते से ही प्रवेश करने के लिए मजबूर किया जाता है.
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
कुछ महीने पहले जब एक कार्यक्रम के दौरान कुलाधिपति सह राज्यपाल का आगमन हुआ था, तब इस जर्जर रास्ते पर आनन-फानन में मिट्टी भरकर बराबर कराया गया था. अब मानसून की बारिश में वही मिट्टी पूरी तरह दलदली कीचड़ में तब्दील हो चुकी है. इस संदर्भ में विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी राजेश पांडेय ने बताया कि जल्द ही मुख्य गेट के पास सड़क निर्माण कार्य शुरू होने वाला है. इसके लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गयी हैं और प्रशासनिक भवन तक का मार्ग दुरुस्त किया जाएगा.
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