Saran News : गुरु और शिष्य आपस में मिलकर हुए भावविभोर

शीतल सिंह सरस्वती शिशु मंदिर, धनौरा में पढ़े-पढ़ाए 1984 से 1995 बैच के गुरु-शिष्य सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ. इस भावनात्मक आयोजन का संयोजन पूर्व शिष्यों द्वारा किया गया.

छपरा. शीतल सिंह सरस्वती शिशु मंदिर, धनौरा में पढ़े-पढ़ाए 1984 से 1995 बैच के गुरु-शिष्य सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ. इस भावनात्मक आयोजन का संयोजन पूर्व शिष्यों द्वारा किया गया, जिसमें पूर्व व वर्तमान शिक्षकों को सम्मानित कर पुराने दिनों को फिर से जीवंत किया गया. सम्मेलन में गुरुजनों को अंगवस्त्र, बुके, रामलला की प्रतिमा व चांदी की कलम भेंट कर सम्मानित किया गया. जिन शिक्षकों को सम्मानित किया गया, उनमें सदानंद सिंह, राम विनोद प्रभाकर, जयप्रकाश महतो, ब्रजभूषण मिश्रा, निर्मला मिश्रा, ब्रह्मानंद ठाकुर, उमेश सिंह, रामविनोद सिंह, शैलेश सिंह, सुनील कुमार वर्मा, कृष्णगोपाल, अशोक सिंह आदि शामिल हैं. सम्मेलन समिति द्वारा यह भी घोषणा की गई कि राजेन्द्र प्रसाद, सुरेश प्रसाद ज्ञानेश्वर, रविंद्र पाण्डेय को उनके निवास स्थान पर जाकर सम्मानित किया जाएगा, जो किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सके. वक्ताओं ने शीतल सिंह सरस्वती शिशु मंदिर की सराहना करते हुए कहा कि यह विद्यालय 1984 से निरंतर शिक्षा व संस्कार की मिसाल बनकर उभरा है. यहां से निकले छात्र आज देशभर में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं. कार्यक्रम का संचालन रेलवे वाणिज्यिक अधिकारी संजय राय एवं बिहार शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया. पशुपालन पदाधिकारी दिनेश दिनकर, आसीत कुमार सिंह व पुनम ने अतिथियों का स्वागत किया. कार्यक्रम की शुरुआत में रेणु दीदी ने गुरुवंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ALOK KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >