Saran News: तरैया प्रखंड मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई महीनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर भारी जलजमाव हो गया है. प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की घोर उदासीनता के कारण आम जनता और व्यवसायियों को नारकीय स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. इस गंभीर समस्या की ओर न तो विभाग के पदाधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही जनता के प्रतिनिधि, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है.
गंडक नहर पुल के पास सड़क पर डेढ़ फीट पानी, चलना दुश्वार
तरैया गंडक नहर पुल से लगभग 500 गज की दूरी तक मुख्य सड़क पर करीब डेढ़ फीट तक बारिश का पानी जमा हुआ है. जलजमाव का मुख्य कारण ड्रेनेज सिस्टम (जल निकासी) का पूरी तरह ध्वस्त होना है. सड़क के एक तरफ के नाले की निकासी पूरी तरह बंद पड़ी है, जबकि दूसरी तरफ का वर्षों पुराना बना नाला अत्यंत जर्जर स्थिति में है. इस वजह से पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है. स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि राहगीरों का पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है और सड़क किनारे बसे लोगों का अपने घरों से निकलना मुश्किल हो गया है.
दुकानदारों के सामने भुखमरी की स्थिति, ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे दुकान
महीनों से जलजमाव रहने के कारण स्थानीय दुकानदारों का व्यवसाय पूरी तरह ठप पड़ गया है. कपड़ा के होलसेल व्यवसाय, साइकिल मरम्मत की दुकान, बाइक पार्ट्स व बाइक मिस्त्री, और खैनी दुकान समेत अन्य प्रभावित दुकानदारों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि दुकानों के ठीक आगे सड़क पर पानी जमा रहने के कारण ग्राहक उनके प्रतिष्ठानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. व्यापार बंद होने से अब उनके सामने आर्थिक संकट और भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है.
विभागों की आपसी खींचतान में बंद हुई नाले की निकासी
ग्रामीणों और व्यवसायियों की शिकायत पर पूर्व में पथ निर्माण विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों द्वारा नाले की निकासी मुरलीपुर गंडक नहर पुल के पास की गई थी, जिससे सड़कों पर जमा पानी पूरी तरह से उतर गया था. लेकिन इसके ठीक दूसरे ही दिन गंडक नहर विभाग के पदाधिकारी और कर्मी वहां पहुंच गए. उन्होंने नहर में नाले का पानी गिराने को गलत बताते हुए सैंड बैग (मिट्टी की बोरियों) से उस निकासी मार्ग को दोबारा बंद कर दिया. विभागों की इस आपसी खींचतान का खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है.
तरैया-अमनौर रोड का हाल बेहाल, घरों और दुकानों में घुसा पानी
तरैया-अमनौर मार्ग की स्थिति तो और भी भयावह हो चुकी है. इस सड़क पर इस कदर पानी और कीचड़ जमा है कि लोगों ने अब इस रास्ते से आना-जाना ही छोड़ दिया है. सड़क के किनारे भी पैदल चलने की थोड़ी सी जगह नहीं बची है. बारिश का गंदा पानी सड़कों से ओवरफ्लो होकर लोगों के घरों और दुकानों के भीतर तक घुस गया है. इस बदहाली के बीच स्थानीय जनता यह सवाल पूछने को मजबूर है कि आखिर तरैयावासियों को इस नारकीय जलजमाव से कब और कैसे निजात मिलेगी.
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