Saran News: बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन, बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी संघ और पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी समन्वय समिति के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर छपरा नगर निगम के सफाईकर्मी और कार्यालयकर्मी शुक्रवार को दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहे. हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गयी है. जगह-जगह कचरे का अंबार लगने लगा है.
अब सबसे बड़ी चिंता 3 अगस्त को सावन की पहली सोमवारी को लेकर है. पहली सोमवारी पर छपरा के प्रमुख शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. यदि हड़ताल जल्द समाप्त नहीं हुई और सफाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई, तो शिवभक्तों को मंदिर जाने के रास्ते में गंदगी, दुर्गंध और कचरे के बीच से गुजरना पड़ सकता है.
सड़क पर कचरा फेंककर सफाईकर्मियों ने जताया विरोध
हड़ताल के दूसरे दिन आंदोलनकारी सफाईकर्मियों ने सड़क पर कूड़ा फेंककर विरोध जताया. इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गयी. नगर पालिका चौक से विभिन्न मार्गों पर कर्मियों ने विशाल प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा नगर आयुक्त के खिलाफ नारे लगाये.
प्रदर्शन में शामिल कर्मियों ने स्पष्ट किया कि तीन सूत्री मांगों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा. उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी.
तीन सूत्री मांगों पर अड़े कर्मचारी
आंदोलनकारी कर्मियों की प्रमुख मांगों में सेवा का नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त करना शामिल है. कर्मचारियों का कहना है कि दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मियों को भी नियमित किया जाए तथा संविदा और अस्थायी कर्मचारियों की सेवा स्थायी करते हुए उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
इसके अलावा ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करने, एसीपी योजना का पूर्ण क्रियान्वयन करने तथा कर्मचारियों के सभी बकाये का भुगतान करने की मांग भी की जा रही है.
नगर पालिका चौक से मोना चौक तक सड़क पर कचरा
हड़ताल के दौरान आंदोलनकारी कर्मियों ने नगर पालिका चौक, कलेक्ट्रेट रोड, साहिबगंज, मोना चौक समेत शहर के कई प्रमुख स्थानों पर सड़क पर कचरा फेंका. इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गयी.
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और आक्रामक किया जाएगा. उनका कहना है कि जहां-जहां निजी सफाई एजेंसी के कर्मचारी काम कर रहे हैं, वहां भी सफाई कार्य बंद कराने का प्रयास किया जाएगा.
पहली सोमवारी पर बढ़ेगी परेशानी!
सावन की पहली सोमवारी 3 अगस्त को है. इस दिन छपरा शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है. ऐसे में सड़कों पर जमा कचरा और दुर्गंध श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन सकता है.
खासकर मंदिरों और पूजा स्थलों की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर यदि समय रहते सफाई नहीं करायी गयी तो भीड़ के बीच गंदगी की समस्या और गंभीर हो सकती है. लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजन से पहले शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना जरूरी है.
जिले के सभी 10 नगर निकायों में सफाई व्यवस्था प्रभावित
सफाईकर्मियों की हड़ताल का असर केवल छपरा नगर निगम तक सीमित नहीं है. जिले के सभी 10 नगर निकायों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आ रही है.
सोनपुर नगर परिषद, मढ़ौरा नगर पंचायत, दिघवारा नगर पंचायत, रिविलगंज नगर पंचायत, मांझी नगर पंचायत और परसा नगर पंचायत समेत अन्य निकायों में भी सफाई कार्य प्रभावित हुआ है. हड़ताल लंबी खिंचने पर शहरों और बाजारों में कचरे की मात्रा और बढ़ने की आशंका है.
‘मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन’
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष सियाराम सिंह ने कहा कि जब तक कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं होतीं और राज्य संघ की ओर से आंदोलन समाप्त करने का आदेश नहीं मिलता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जा सकता है.
‘यह राज्य स्तर का आंदोलन’
छपरा नगर निगम के महापौर लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने कहा कि यह राज्य स्तर का आंदोलन है. जब तक राज्य स्तर पर वार्ता नहीं होती, तब तक नगर निगम स्तर से इस मामले में बहुत कुछ करना संभव नहीं है.
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद शहर में निजी सफाई एजेंसी के माध्यम से सफाई कार्य जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित न हो.
अब निगाह इस बात पर है कि 3 अगस्त की पहली सोमवारी से पहले हड़ताल टूटती है या नहीं. यदि हड़ताल जारी रही तो सावन की पहली सोमवारी पर छपरा पहुंचने वाले शिवभक्तों को सफाई और कचरे की समस्या का सामना करना पड़ सकता है.
