तरैया. श्रावणी मास की पूर्णिमा के अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न देवी-देवताओं और भगवती स्थानों पर गांववाला पूजा धूमधाम से मनायी गयी. सावन मास के अंतिम सोमवार या शुक्रवार को भगवती स्थानों पर गांववाला पूजा करने की परंपरा है. इसी परंपरा के तहत शुक्रवार को विभिन्न भगवती स्थानों पर महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की.
भगवती स्थानों पर गूंजे पचरा गीत
गांववाला पूजा को लेकर महिलाओं ने भगवती स्थानों की साफ-सफाई की. इसके बाद घरों से लायी गयी लुचुही पूड़ी, अंकुड़ित चना और पंचमेल मिठाई से मां भगवती की पूजा की गयी. भगवती स्थानों पर दूध उधियावन के साथ मां भगवती को खीर का भोग भी लगाया गया. पूजा के दौरान चारों ओर देवी के पचरा गीत गूंजते रहे. श्रद्धालु पचरा गीतों के माध्यम से मां भगवती की आराधना में लीन नजर आये और देवी स्थानों पर भक्तों ने श्रद्धापूर्वक पूजा चढ़ायी.
रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में रही चहल-पहल
श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर रक्षाबंधन का त्योहार भी उत्साह के साथ मनाया गया. पर्व को लेकर तरैया बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में दिनभर चहल-पहल रही. राखी और मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जुटी रही. बहनों ने भाइयों के लिए राखी और मिठाइयों की खरीदारी की, जिससे बाजारों में रौनक बनी रही.
टोटो और चारपहिया वाहनों से लगा जाम
रक्षाबंधन को लेकर बाजार और मुख्य सड़कों पर भीड़ बढ़ने से यातायात व्यवस्था प्रभावित रही. तरैया बाजार में टोटो और छोटी चारपहिया गाड़ियों की लगातार आवाजाही के कारण कई जगह जाम की स्थिति बनती रही. सड़कों पर लगे जाम को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन के जवान तैनात रहे.
