Saran News: परसा नगर पंचायत के वार्ड संख्या 7 स्थित शंकरडीह अनुसूचित जाति टोला में गत बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. सुतिहार-महेशिया पथ के किनारे स्थित सुनील राम के घर पर करीब 60 फीट लंबा तार का विशाल पेड़ अचानक गिर गया. हालांकि, हादसे के दौरान घर में मौजूद सभी सदस्य बाल-बाल बच गए, लेकिन मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया और परिवार बेघर हो गया है.
घर पूरी तरह तबाह, खुले आसमान नीचे रात गुजारने को मजबूर
पीड़ित गृहस्वामी सुनील राम और उनकी माता इंदु देवी ने बताया कि पेड़ गिरने से घर की एस्बेस्टस की छत, दीवारें और अंदर रखा सारा सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो कर दब गया. सुनील राम ने बताया कि उनके बच्चे इस भीषण ठंड/गर्मी के मौसम में खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को विवश हैं. पीड़ित परिवार ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री देने और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया मकान बनवाने की गुहार लगाई है.
तीन दिन से रास्ता बंद, बिजली के तार सड़क पर बिखरे
प्रत्यक्षदर्शियों (पशुराम दास, रवि बासफोर, राजू बसफोड़, उषा देवी, सुनीता देवी, मिथलेश राम, सुरेश नट और रौशन नट) के अनुसार, घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी न तो पेड़ हटाया गया है और न ही क्षतिग्रस्त बिजली के तारों को दुरुस्त किया गया है. इसके कारण सुतिहार-महेशिया मुख्य पथ पर पिछले तीन दिनों से आवागमन पूरी तरह बाधित है.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस की गाड़ी मौके पर आई थी, लेकिन रास्ता बंद देखकर वापस लौट गई. पेड़ और रास्ता हटाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
जनप्रतिनिधियों और नगर पंचायत प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय निवासियों ने नगर पंचायत प्रशासन की अनदेखी पर रोष जताया है. ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड पार्षद लाल बाबू खलीफा के निधन के बाद से इस वार्ड की समस्याओं पर कोई ध्यान देने वाला नहीं है. पीड़ित परिवार का कहना है कि सूचना दिए जाने के बावजूद नगर पंचायत का कोई अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा, जिससे दलित बस्ती के लोगों में भारी आक्रोश है.
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