Saran News: (विकास कुमार की रिपोर्ट)
बिहार इंटरमीडिएट शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय संयोजक जय नारायण सिंह मधु और वसंत कॉलेज छपरा के संस्थापक पूर्व प्राचार्य व प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार सिंह समेत कई शिक्षक नेताओं का एक शिष्टमंडल बुधवार को बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से उनके सरकारी आवास पर मिला. प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया.
लंबित अनुदान और वेतनमान की मांग उठायी
शिष्टमंडल ने शिक्षा मंत्री के समक्ष वित्तरहित कर्मियों के लंबित अनुदान का एकमुश्त भुगतान करने की मांग रखी. साथ ही बढ़ती महंगाई को देखते हुए अनुदान व्यवस्था समाप्त कर जल्द वेतनमान लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया.
शिक्षक नेताओं ने सरकार का ध्यान दिलाया
प्रतिनिधिमंडल में शामिल शिक्षक नेताओं ने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” और “न्याय के साथ विकास” की नीति के बावजूद बिहार में केवल वित्तरहित कर्मी ही उपेक्षित रह गये हैं. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन के कारण बिहार विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन वित्तरहित शिक्षकों की समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं.
आंतरिक आय जोड़कर वेतनमान देने का सुझाव
जय नारायण सिंह मधु ने शिक्षा मंत्री को बताया कि सरकार यदि स्कूल और कॉलेजों की आंतरिक आय को जोड़कर वेतनमान लागू करती है तो सरकार पर कोई विशेष आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि इससे हजारों वित्तरहित कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी.
मंत्री ने जल्द अच्छी खबर मिलने का दिया भरोसा
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और जल्द लंबित अनुदान भुगतान के साथ वित्तरहित कर्मियों के हित में सकारात्मक निर्णय लिये जाने का भरोसा दिया. उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में वित्तरहित कर्मियों को अच्छी खबर मिल सकती है. इस मौके पर विंदेश्वरी यादव, विमलांबर झा समेत कई शिक्षक नेता उपस्थित रहे. सभी ने एक स्वर में वित्तरहित शिक्षकों और कर्मियों की समस्याओं के समाधान की मांग उठायी.
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