Saran News: (मढ़ौरा सारण से मनोकामना सिंह की रिपोर्ट)
बिहार पुलिस भर्ती की जारी मेरिट लिस्ट में मढ़ौरा प्रखंड के छात्र-छात्राओं ने शानदार सफलता हासिल कर इलाके का नाम रोशन किया है. आर्थिक तंगी, अभाव और संघर्ष के बीच पले-बढ़े इन युवाओं ने साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे कोई मुश्किल बड़ी नहीं होती. चयन की खबर मिलते ही गांवों में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.
मजदूरी कर पिता ने पढ़ाया, बेटी ने खाकी पहन परिवार का सपना किया पूरा
सबसे प्रेरणादायक कहानी पकहां स्टेशन रोड निवासी ज्योति कुमारी की है. दैनिक मजदूर सुनील कुमार साह और गृहणी रामवती देवी की सबसे छोटी बेटी ज्योति ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई कर बिहार पुलिस में जगह बनाई है. चार बहनों और एक भाई वाले बड़े परिवार में आर्थिक संकट हमेशा बना रहा, लेकिन ज्योति ने हार नहीं मानी.
मिडिल स्कूल से ग्रेजुएशन तक संघर्ष, अब मेहनत लाई रंग
ज्योति ने मढ़ौरा मिडिल स्कूल से आठवीं और हाई स्कूल से इंटर तक की पढ़ाई की. वर्तमान में वह जगदम कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही हैं. पिता मजदूरी कर परिवार और बच्चों की पढ़ाई का खर्च चलाते रहे. अंतिम चयन की खबर मिलते ही माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े.
यह नौकरी नहीं, संघर्ष की जीत है
परिजनों ने कहा कि यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि पूरे परिवार के संघर्ष और मेहनत की जीत है. वर्षों की कठिनाइयों के बाद आज परिवार को गर्व महसूस हो रहा है.
बिना बड़े कोचिंग के हासिल की सफलता
मढ़ौरा के अन्य सफल अभ्यर्थियों की कहानी भी संघर्ष से भरी रही. अधिकांश छात्रों ने बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान के, सेल्फ स्टडी और सीमित संसाधनों के सहारे यह सफलता हासिल की है.
इन होनहारों ने भी बढ़ाया इलाके का मान
सफल अभ्यर्थियों में सेमरहियां गांव के रामदेव मांझी, मुबारकपुर गावर निवासी लालबहादुर राय के पुत्र श्यामसुंदर राय, आटा गांव की राखी कुमारी और दामोदरपुर गांव के अमर मांझी प्रमुख रूप से शामिल हैं. इन सभी ने कठिन परिस्थितियों में मेहनत कर सफलता हासिल की है.
गांव के बच्चों के लिए बने प्रेरणा
ग्रामीण परिवेश और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले इन युवाओं की सफलता अब इलाके के दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई है. मढ़ौरा में लोग इन होनहारों की मेहनत और लगन की जमकर सराहना कर रहे हैं.
