छपरा से हरि प्रकाश मिश्रा की रिपोर्ट
Saran News: छपरा सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती एक बंदी की अचानक तबीयत बिगड़ने से अस्पताल और जेल प्रशासन में दहशत का माहौल कायम हो गया. स्थिति गंभीर होने की सूचना मिलते ही जेल सुपरिंटेंडेंट अमरजीत कुमार सिंह सदर अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से पूरे मामले की जानकारी ली. बाद में मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर कैदी को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया.
चोरी के मामले में गिरफ्तार होकर पहुंचा था जेल
जानकारी के अनुसार संबंधित कैदी को नगर थाना पुलिस ने चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया था. इसके बाद 18 मई को उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था. जेल में रहने के दौरान उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.
जांच में सामने आया कुत्ते के काटने का मामला
अस्पताल में इलाज के दौरान जांच में पता चला कि कैदी को जेल आने से करीब एक माह पहले कुत्ते ने काट लिया था. बताया जा रहा है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण उसके शरीर में संक्रमण फैल गया था, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई.
गंभीर स्थिति को देखते हुए गठित किया गया मेडिकल बोर्ड.
कैदी की बिगड़ती हालत को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल मेडिकल बोर्ड का गठन किया. गठित बोर्ड में डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. संजीव कुमार और डॉ. संदीप कुमार को शामिल किया गया. विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने कैदी की जांच कर उसकी स्थिति का मूल्यांकन किया
डॉक्टरों की टीम ने पटना रेफर करने की दी सलाह
मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच के बाद कैदी की स्थिति को गंभीर मानते हुए उसे उच्चस्तरीय इलाज के लिए पटना रेफर करने का निर्णय लिया गया. इसके बाद देर रात उसे पटना के एनएमसीएच भेज दिया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जाएगा.
जेल प्रशासन ने कही यह बड़ी बात
जेल सुपरिंटेंडेंट अमरजीत कुमार सिंह ने बताया कि कैदी के जेल में आने के बाद नियमित मेडिकल जांच कराई गई थी. हालांकि उसने कभी यह जानकारी नहीं दी कि उसे पहले कुत्ते ने काटा था. इसी कारण शुरुआती जांच में यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने नहीं आ सका और बीमारी की वास्तविक वजह समझने में देरी हुई. अधिकारियों के अनुसार फिलहाल कैदी का इलाज पटना एनएमसीएच में जारी है. डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. वहीं जेल और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं.
