छपरा-सोनपुर फोरलेन पर बढ़ रहे सड़क हादसे, खतरनाक चौराहे बन रहे हादसों का कारण

Saran News: छपरा से सोनपुर के बीच बने फोरलेन सड़क मार्ग पर वाहनों की रफ्तार बढ़ने के साथ सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है.

Saran News: दिघवारा से अमित की रिपोर्ट
छपरा से सोनपुर के बीच बने फोरलेन सड़क मार्ग पर वाहनों की रफ्तार बढ़ने के साथ सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है. सड़क के बेहतर होने के बावजूद कई स्थान ऐसे हैं, जो अब डेंजर जोन बन चुके हैं. इन स्थानों पर आए दिन होने वाले हादसों में अब तक आधा दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर जीवनभर के लिए अपंग हो गए हैं.

मधुकॉन मोड़ से कल्लू चौक तक कई स्थान बने खतरे का केंद्र

फोरलेन पर दिघवारा का मधुकॉन मोड़, पीरगंज मोड़, पट्टी पुल मोड़, प्रखंड मुख्यालय मोड़, मटिहान मोड़, 17 नंबर रेलवे क्रॉसिंग मोड़ और हराजी का कल्लू चौक सबसे अधिक दुर्घटना संभावित स्थल माने जा रहे हैं. इन स्थानों पर स्टेट हाईवे और ग्रामीण सड़कों से आने वाले वाहन सीधे फोरलेन पर प्रवेश करते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के साथ टक्कर की आशंका बढ़ जाती है.

हादसों में जा चुकी हैं कई जानें

हराजी के कल्लू चौक और पीरगंज मोड़ पर हुए सड़क हादसों में कई लोगों की मौत हो चुकी है. हाल ही में कल्लू चौक पर ट्रक की चपेट में आने से मानूपुर निवासी एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई थी. वहीं पीरगंज मोड़ पर अनियंत्रित बाइक की टक्कर से एक महिला की जान चली गई थी. पट्टी पुल के समीप भी ट्रक की चपेट में आने से एक मोपेड सवार की मौत हो गई थी. मधुकॉन मोड़ पर हुए हादसे में एक किशोरी की जान चली गई थी.

गोलंबर और चेतावनी संकेतक की मांग अनसुनी

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन दुर्घटना संभावित चौराहों पर लंबे समय से गोलंबर निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है.लोगों का मानना है कि यदि गोलंबर और उचित यातायात प्रबंधन की व्यवस्था हो जाए तो हादसों में काफी कमी लाई जा सकती है.

चेतावनी बोर्ड और स्पीड ब्रेकर का अभाव

स्थानीय नागरिकों के अनुसार स्टेट हाईवे से फोरलेन पर चढ़ने वाले अधिकांश स्थानों पर चेतावनी संकेतक नहीं लगे हैं. इसके अलावा स्पीड ब्रेकर की भी व्यवस्था नहीं है. ऐसे में फोरलेन पर तेज गति से चल रहे वाहन और दूसरी सड़कों से आ रहे वाहनों के बीच अचानक आमना-सामना हो जाता है, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं घटित होती हैं.

यातायात सुरक्षा उपायों की उठी मांग

क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से दुर्घटना संभावित स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, स्पीड ब्रेकर बनाने तथा गोलंबर का निर्माण कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि जब तक इन स्थानों पर सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते, तब तक हादसों का सिलसिला थमना मुश्किल है. उनका मानना है कि वाहनों की गति नियंत्रित होने के बाद ही दुर्घटनाओं की संख्या में प्रभावी कमी लाई जा सकती है.

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लेखक के बारे में

Published by: Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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