Saran News: (छपरा से प्रभात किरण हिमांशु की रिपोर्ट)
छपरा मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं. रविवार को आई तेज आंधी और बारिश के बाद से पावर सप्लाई बाधित है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं.
बिजली नहीं, इसलिए नहीं हो पा रहा कामकाज
सोमवार को बड़ी संख्या में मरीज इलाज और जांच रिपोर्ट लेने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा. ओपीडी परिसर में मौजूद कर्मियों ने बताया कि आंधी और बारिश के बाद से बिजली आपूर्ति बंद है और फिलहाल कोई प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं है. पावर सप्लाई बहाल होने तक नियमित कार्य प्रभावित रहेंगे.
गर्मी से बेहाल मरीज, हाथ से झल रहे पंखा
भीषण गर्मी के बीच अस्पताल में बिजली नहीं रहने से मरीजों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. ओपीडी में बैठे मरीज और उनके परिजन कागज का हाथ पंखा बनाकर खुद को राहत देने की कोशिश करते नजर आए. कई मरीजों ने बताया कि लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से अस्पताल में बैठना भी मुश्किल हो गया है.
पार्किंग में टॉर्च जलाकर ढूंढनी पड़ रही गाड़ियां
अस्पताल परिसर में अंधेरा छाया रहने के कारण पार्किंग व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है. मरीजों और परिजनों को अपनी गाड़ियां खोजने के लिए मोबाइल फोन की टॉर्च का सहारा लेना पड़ रहा है. अंधेरे की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
नई ओपीडी व्यवस्था पर उठे सवाल
हाल ही में छपरा मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में नियमित ओपीडी सेवाएं शुरू की गई हैं. शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचने लगे हैं. ऐसे समय में दो दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी और आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं.
वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी परेशानी
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े संस्थान में बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में पर्याप्त बैकअप व्यवस्था होनी चाहिए. लगातार दो दिनों तक सेवाएं प्रभावित रहने से लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली.
जल्द बहाल होगी बिजली
मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए तकनीकी टीम लगातार काम कर रही है. अधिकारियों के अनुसार जल्द ही पावर सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी. इस बीच ओपीडी सेवाओं को ऑफलाइन मोड में संचालित करने का निर्देश दिया गया है ताकि मरीजों को अधिक परेशानी न हो.
स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल
मेडिकल कॉलेज में बिजली संकट ने एक बार फिर स्वास्थ्य संस्थानों में आपातकालीन तैयारी की जरूरत को उजागर कर दिया है. मरीजों का कहना है कि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद यदि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो, तो इससे स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होती है.
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