सारण से मनोज कुमार की रिपोर्ट
Saran Gandak canal embankment breaches: सारण जिले के तरैया प्रखंड में बुधवार की सुबह गंडक नहर का बांध टूट गया. तरैया-अमनौर स्टेट हाईवे 104 के किनारे स्थित मंझोपुर में बांध ध्वस्त होने के बाद सैकड़ों एकड़ क्षेत्र में पानी फैल गया. इस घटना से कई गांवों का सड़क संपर्क बाधित हो गया है और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
Saran Gandak canal embankment breaches: मंझोपुर में अचानक टूटा गंडक नहर का बांध
तरैया प्रखंड के मंझोपुर में बुधवार की अहले सुबह गंडक नहर का बांध अचानक ध्वस्त होकर टूट गया. घटना के बाद आसपास के इलाके में तेजी से पानी फैलने लगा. स्थानीय लोगों के अनुसार बांध टूटने की वजह से नहर का पानी आसपास के क्षेत्रों में फैल गया.
सारण की खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें
Saran News: कई गांवों का सड़क संपर्क हुआ प्रभावित
बांध टूटने के कारण परौना, भटगाई, मोलनापुर, टीकमपुर, संग्रामपुर समेत कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है. ग्रामीणों ने बताया कि मंझोपुर स्थित गंडक नहर पुल से होकर जाने वाला यह रास्ता इन गांवों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है. बांध टूटने के बाद इस मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया.
सैकड़ों एकड़ क्षेत्र में फैला पानी
गंडक नहर का बांध टूटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी आसपास के खेतों और खाली क्षेत्रों में फैल गया. हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार व्यापक फसल नुकसान की सूचना नहीं है. कुछ किसानों के धान के बिचड़े पानी में डूब गए हैं, जिससे उन्हें चिंता सता रही है.
Gandak Canal embankment breached: लंबे समय से हो रहा था पानी का रिसाव
ग्रामीणों ने बताया कि टूटे हुए स्थान पर बांध के नीचे पानी निकासी के लिए ह्यूम पाइप लगाया गया था. पाइप के आसपास से काफी दिनों से पानी का रिसाव हो रहा था. लगातार रिसाव के कारण बांध अंदर से कमजोर और खोखला हो गया. इसी वजह से बुधवार सुबह बांध का हिस्सा ध्वस्त होकर टूट गया.
सूचना मिलते ही पहुंचे जनप्रतिनिधि
घटना की जानकारी मिलने के बाद भटगाई पंचायत के मुखिया ओम प्रकाश कुमार, बीडीसी प्रतिनिधि वीरेन्द्र राम, पूर्व बीडीसी नागेन्द्र प्रसाद सहित कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे. स्थानीय लोगों ने स्थिति का जायजा लिया और विभागीय अधिकारियों को तत्काल सूचना दी.
पानी का दबाव कम करने के लिए बंद किया गया किवाड़
मुखिया ओम प्रकाश कुमार ने गंडक विभाग के एसडीओ और अभियंताओं को मोबाइल के माध्यम से घटना की सूचना दी. ग्रामीणों के सहयोग से टूटे हुए स्थान से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित नहर के किवाड़ को बंद कराया गया. इसके बाद पानी का दबाव कम हुआ और स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली.
विभागीय टीम का इंतजार
घटना के बाद ग्रामीण गंडक विभाग के अधिकारियों और तकनीकी टीम के पहुंचने का इंतजार करते रहे. स्थानीय लोगों की मांग है कि बांध की जल्द मरम्मत कर आवागमन बहाल कराया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए. गंडक विभाग की टीम द्वारा स्थल निरीक्षण के बाद बांध मरम्मत का कार्य शुरू किया जा सकता है. प्रशासन की प्राथमिकता सड़क संपर्क बहाल करने और प्रभावित क्षेत्र में पानी के दबाव को नियंत्रित करने पर रहेगी.
Also Read: 74 साल का इंतजार खत्म, तरैया में खुला पहला डिग्री कॉलेज, आज से शुरू होगी पढ़ाई
