Saran Flood Update : सारण में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिलने लगे हैं. सरयू समेत जिले की अधिकांश नदियों के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है. छपरा में सरयू नदी का जलस्तर 23 सेंटीमीटर घटने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है, वहीं बाढ़ प्रभावित लोगों में भी अब जल्द निजात मिलने की उम्मीद जगी है. हालांकि जिले के 8 प्रखंडों के 122 गांवों की करीब 2.40 लाख आबादी अभी भी बाढ़ से प्रभावित है और राहत-बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है.
सरयू का जलस्तर घटा, लोगों को मिली राहत की उम्मीद
प्रतिनिधि, छपरा. सारण में बाढ़ का प्रभाव धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है. मंगलवार को जिले की अधिकांश नदियों के जलस्तर में कमी दर्ज की गई. छपरा स्थित सरयू नदी के जलस्तर में 23 सेंटीमीटर की कमी आने से प्रशासन को कुछ राहत मिली है.
बाढ़ प्रमंडल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में बारिश कम होने, पर्वतीय इलाकों में वर्षा घटने और वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से कम पानी छोड़े जाने के कारण नदियों के जलस्तर में गिरावट आई है. हालांकि सिसवन में सरयू के जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है.
8 प्रखंडों के 122 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में
मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, सारण जिले के 8 प्रखंडों के 39 पंचायत या नगर पंचायत क्षेत्र के 122 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. इन क्षेत्रों की 2.40 लाख से अधिक आबादी बाढ़ के कारण परेशान है.
प्रशासन ने अब तक करीब 1300 लोगों को प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. लोगों की आवाजाही और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 198 नाव तथा 6 बोट एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है.
26 मेडिकल कैंप में 3000 लोगों का इलाज
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन सक्रिय है. जिले में 26 मेडिकल कैंप संचालित किए जा रहे हैं. इन कैंपों के माध्यम से अब तक करीब 3000 लोगों का इलाज किया जा चुका है.
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है, ताकि बाढ़ के कारण लोगों को किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी नहीं हो.
20 सामुदायिक रसोई में हजारों लोगों को भोजन
बाढ़ पीड़ितों के लिए जिले में 20 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. इन केंद्रों के माध्यम से अब तक करीब 30 हजार लोगों को भोजन कराया जा चुका है.
इसके अलावा प्रभावित परिवारों के बीच 10 हजार से अधिक खाद्य सामग्री और ड्राई राशन पैकेट वितरित किए गए हैं. प्रशासन का राहत अभियान लगातार जारी है.
पशुओं के चारे और इलाज पर भी प्रशासन का जोर
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है. रिविलगंज प्रखंड के दिलिया रहीमपुर पंचायत, लहलादपुर और छपरा सदर प्रखंड में पशुधन संरक्षण के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं.
प्रभावित पशुपालकों को जरूरत के अनुसार चारा उपलब्ध कराया जा रहा है. साथ ही पशुओं की स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा भी दी जा रही है. डोरीगंज पशु आश्रय स्थल पर पशुओं की देखभाल और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं.
चिरांद और तापसी हाई स्कूल में भी पशुधन संरक्षण
चिरांद स्थित बाढ़ सहायता स्थल और तापसी उच्च विद्यालय में भी पशुधन संरक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन की कोशिश है कि बाढ़ की स्थिति में इंसानों के साथ-साथ पशुओं को भी पर्याप्त चारा, इलाज और सुरक्षित स्थान मिल सके.
नदियों का जलस्तर घटा, सिसवन में सरयू अब भी खतरे के निशान से ऊपर
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता की ओर से 8 सितंबर की सुबह 6 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, जिले की अधिकांश नदियों के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है. हालांकि सिसवन में सरयू का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है.
सारण में नदियों का वर्तमान जलस्तर - 8 सितंबर 2026
| नदी | खतरे का निशान | वर्तमान जलस्तर | स्थिति |
| गंगा, गांधी घाट | 50.40 मीटर | 50.27 मीटर | 13 सेंटीमीटर कमी |
| गंडक, हाजीपुर | 50.45 मीटर | 50.33 मीटर | 12 सेंटीमीटर कमी |
| गंडक, रेवा | 54.41 मीटर | 53.93 मीटर | 3 सेंटीमीटर कमी |
| सरयू/घाघरा, सिसवन | 57.15 मीटर | 57.20 मीटर | 5 सेंटीमीटर वृद्धि, खतरे के निशान से ऊपर |
| घाघरा, छपरा | 53.68 मीटर | 53.00 मीटर | 23 सेंटीमीटर कमी |
छपरा में 23 सेंटीमीटर की गिरावट सबसे बड़ी राहत
घाघरा नदी के छपरा घाट पर जलस्तर में 23 सेंटीमीटर की कमी दर्ज होना बाढ़ की स्थिति में बड़ी राहत मानी जा रही है. सोमवार को यहां जलस्तर 53.23 मीटर था, जो मंगलवार को घटकर 53.00 मीटर हो गया.
वहीं सिसवन में सरयू का जलस्तर 57.20 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से ऊपर है. यहां जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है. ऐसे में प्रशासन की निगरानी अभी भी बनी हुई है.
राहत-बचाव में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय
प्रशासन की ओर से एक तरफ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम जारी है, तो दूसरी तरफ भोजन, ड्राई राशन, पशु चारा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. बाढ़ के कारण जहां भी बांध या तटबंध में लीकेज की स्थिति सामने आ रही है, वहां मरम्मत का काम कराया जा रहा है.
यातायात के लिए पंजीकृत नावों के परिचालन की अनुमति दी गई है. प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को जरूरी बुनियादी सुविधाओं की कमी नहीं हो.
अधिकारी बोले- धीरे-धीरे सामान्य होगी स्थिति
बाढ़ प्रमंडल, सारण के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर ने कहा कि लगभग सभी नदियों के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आ रही है. आने वाले समय में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं.
