Digital Health: सारण जिले में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में अब तक करीब 24.50 लाख लोगों की आभा आईडी बनायी जा चुकी है. जिले की अनुमानित 47.90 लाख आबादी में से करीब 51 प्रतिशत लोग अब डिजिटल हेल्थ आईडी से जुड़ चुके हैं. स्वास्थ्य विभाग इसे जिले में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रहा है.
आयुष्मान भारत के प्रभारी जिला कार्यक्रम समन्वयक अभिनय कुमार ने बताया कि आभा आईडी निर्माण अभियान को गति देने के लिए विभाग की ओर से लगातार जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं. सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ-साथ आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से लोगों को आभा आईडी के महत्व की जानकारी दी जा रही है.
डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड को मिलेगा सुरक्षित आधार
डीपीसी अभिनय कुमार ने बताया कि आभा यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट प्रत्येक नागरिक के लिए 14 अंकों की विशिष्ट डिजिटल हेल्थ आईडी है. इसके माध्यम से व्यक्ति अपने स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में व्यवस्थित और सुरक्षित रख सकता है.
भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेते समय आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने में भी यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है. आभा आधारित व्यवस्था से मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी.
इससे उपचार के दौरान चिकित्सकों को आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने और मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
घर-घर तक पहुंच रहा डिजिटल स्वास्थ्य अभियान
डीपीसी ने बताया कि सारण में डिजिटल स्वास्थ्य अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार समीक्षा और अनुश्रवण किया जा रहा है. स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को आभा आईडी के लाभ के बारे में जानकारी दी जा रही है.
स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले लोगों को भी आभा आईडी बनवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. करीब 24.50 लाख लोगों का आभा से जुड़ना अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है.
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य जिले के अधिक से अधिक नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ना है, ताकि भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराया जा सके.
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