सारण में फिर बढ़ा नदियों का जलस्तर, गंडक बैराज से आया 1.11 लाख क्यूसेक पानी, घाघरा में 19 सेंटीमीटर उछाल

Saran River water levels : सारण में नदियों के जलस्तर में फिर से वृद्धि देखी गई है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है. वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से छोड़े गए पानी के कारण गंडक और घाघरा नदियाँ उफान पर हैं. प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है.

Saran River water levels : सारण में एक बार फिर नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गयी है. वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से छोड़े गये पानी और पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के असर से सोमवार को गंडक और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा. घाघरा के छपरा गेज पर 19 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी. वहीं गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर लगातार दूसरे दिन स्थिर रहा. फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है.

बैराज से छोड़ा गया 1.11 लाख क्यूसेक पानी

बाढ़ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर के अनुसार, रविवार को वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से छोड़ा गया पानी अब सारण की ओर पहुंच रहा है. सोमवार को भी बैराज से करीब 1.11 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. हालांकि, इसका विशेष असर नहीं होने की संभावना जतायी गयी है.

घाघरा के छपरा गेज पर 19 सेंटीमीटर बढ़ा पानी

31 अगस्त की सुबह छह बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार घाघरा नदी का छपरा गेज पर जलस्तर 51.36 मीटर दर्ज किया गया. यहां खतरे का निशान 53.68 मीटर है. रविवार की तुलना में जलस्तर में 19 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है. यह सोमवार को नदियों में दर्ज सबसे अधिक बढ़ोतरी रही.

सिसवन में घाघरा चार सेंटीमीटर बढ़ी

सिसवन में घाघरा नदी का जलस्तर 55.75 मीटर दर्ज किया गया. यहां खतरे का निशान 57.04 मीटर है. रविवार की तुलना में जलस्तर में चार सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है. नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है.

गंडक के दोनों गेज पर भी बढ़ा जलस्तर

हाजीपुर में गंडक का जलस्तर 49.13 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 50.32 मीटर है. यहां तीन सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है. रेवा घाट पर गंडक का जलस्तर 53.35 मीटर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 54.41 मीटर है. यहां भी तीन सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी.

गंगा दो दिन से स्थिर

गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 48.96 मीटर दर्ज किया गया है. यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है. सोमवार को जलस्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ. गंगा लगातार दूसरे दिन 48.96 मीटर पर स्थिर रही और खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है.

रात में पेट्रोलिंग, सुबह छह बजे हुई मापी

जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए अधिकारियों की निगरानी बढ़ा दी गयी. रात में नदी और तटबंध वाले इलाकों में पेट्रोलिंग की गयी. सोमवार सुबह करीब छह बजे सभी प्रमुख नदी घाटों पर जलस्तर की मापी की गयी. अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सभी प्रखंडों के अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है. उन्होंने अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने को कहा है. संभावित बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में विशेष निगरानी की जा रही है.

बाढ़ प्रमंडल ने पहले ही जारी किया था अलर्ट

बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों ने जलस्तर में संभावित वृद्धि को लेकर रविवार को ही सतर्कता जारी कर दी थी. अधिकारियों ने बताया था कि वाल्मीकिनगर बैराज से छोड़े गये पानी और लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है. सोमवार को इसका असर नदी घाटों पर दिखाई दिया.

दो वर्षों से अक्टूबर तक हो रहा उतार-चढ़ाव

अधिकारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले दो वर्षों से अगस्त से अक्टूबर की शुरुआत तक नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वर्ष 2025 में अक्टूबर के शुरुआती दिनों में छपरा शहर के कई हिस्सों में जलजमाव की स्थिति बनी थी. इसके कारण इस बार भी नदी किनारे रहने वाले लोगों की नजर जलस्तर पर बनी हुई है.

ग्रामीणों में फिर बढ़ी चिंता

नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों के ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ गयी है. हालांकि, सोमवार को प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है. स्थानीय लोगों की नजर अब अगले एक-दो दिनों में जलस्तर के रुझान पर है.

अधिकारी बोले बारिश नहीं हुई तो मंगलवार से घटेगा पानी

बाढ़ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर ने बताया कि फिलहाल जलस्तर में वृद्धि का मुख्य कारण रविवार को वाल्मीकिनगर बैराज से छोड़ा गया पानी है. अन्य नदियों पर उत्तर प्रदेश से आने वाले पानी और बारिश का असर है. उन्होंने कहा कि सोमवार को भी बैराज से 1.11 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, लेकिन इसका विशेष असर नहीं होगा. यदि अधिक बारिश नहीं हुई तो मंगलवार से जलस्तर में फिर कमी आने की संभावना है.

सारण में नदियों का वर्तमान जलस्तर

नदीखतरे का निशानवर्तमान जलस्तरबदलाव
गंगा, गांधी घाट48.60 मीटर48.96 मीटरस्थिर
गंडक, हाजीपुर50.32 मीटर49.13 मीटर3 सेमी वृद्धि
गंडक, रेवा54.41 मीटर53.35 मीटर3 सेमी वृद्धि
सरयू/घाघरा, सिसवन57.04 मीटर55.75 मीटर4 सेमी वृद्धि
घाघरा, छपरा53.68 मीटर51.36 मीटर19 सेमी वृद्धि

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By संजय भारद्वाज

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