Chapra Rajdhani Express : सारण जिले में डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई. छपरा-बलिया रेलखंड पर अज्ञात लोगों ने ट्रैक पर पानी की टंकी रख दी थी जिससे ट्रेन टकरा गई. लोको पायलट की सूझबूझ और इमरजेंसी ब्रेक के कारण सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई.
गौतम स्थान स्टेशन के पास हुई यह भयानक घटना
पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के छपरा-बलिया रेलखंड पर 24 की मध्य रात्रि और 25 जुलाई की सुबह यह घटना हुई. डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस गौतम स्थान रेलवे स्टेशन के पास एक सिंटेक्स की पानी की टंकी से टकरा गई. यह घटना स्टेशन के पश्चिमी ढाला से लगभग 100 मीटर दूर विजय राय के टोला के समीप घटी.
लोको पायलट की सतर्कता से डिरेल होने से बची ट्रेन
राजधानी एक्सप्रेस छपरा जंक्शन से रात करीब 1:41 बजे रवाना हुई थी. गौतम स्थान स्टेशन पार करते ही लोको पायलट की नजर ट्रैक पर रखी नीले रंग की टंकी पर पड़ी. उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए लेकिन ट्रेन की गति अधिक होने के कारण इंजन टंकी से टकराकर कुछ दूरी पर जाकर रुक गई.
इंजन में फंसी टंकी को काटकर निकाला गया बाहर
टक्कर के बाद पानी की टंकी इंजन के अगले हिस्से में बुरी तरह फंस गई थी. घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन और तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई. तकनीकी टीम ने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टंकी को काटकर निकाला जिसके बाद ट्रेन को आगे के लिए सुरक्षित रवाना किया गया.
आरपीएफ और जीआरपी कर रही साजिश के एंगल से जांच
आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस इस पूरी घटना को संभावित साजिश के नजरिए से देख रही है. जांच के लिए डॉग स्क्वायड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया जिसने कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और स्थानीय लोगों से भी कड़ी पूछताछ कर रही है.
12 वर्ष पुराने राजधानी एक्सप्रेस हादसे की यादें हुईं ताजा
इस घटना ने 25 जून 2014 को छपरा ग्रामीण स्टेशन के पास हुए भयानक राजधानी एक्सप्रेस हादसे की यादें ताजा कर दी हैं. उस समय ट्रेन की 11 बोगियां पटरी से उतर गई थीं जिसमें चार यात्रियों की मौत हुई थी. हालांकि इस बार रेलवे कर्मचारियों की तत्परता से एक बहुत बड़ा रेल हादसा समय रहते टल गया.
रेल कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई से टला हादसा
दुर्घटना के बाद तत्कालीन रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने घटना स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था. लगातार दूसरी बार 25 जुलाई को राजधानी एक्सप्रेस से जुड़ी गंभीर घटना की गवाह बनी है. हालांकि इस बार लोको पायलट की सूझबूझ, त्वरित कार्रवाई और रेलवे कर्मचारियों की तत्परता के कारण सैकड़ों यात्रियों की जान बचने के साथ साथ एक संभावित बड़ा रेल हादसा भी टल गया है. हालांकि रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों की जांच पर टिकी है कि आखिर ट्रैक पर पानी की टंकी रखने के पीछे किसका हाथ था और इसका उद्देश्य क्या था.
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