Saran News : सारण जिले के सोनपुर अनुमंडल अवर निबंधन कार्यालय में शनिवार से पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू हो गई. बिहार निबंधन नियमावली-2026 के तहत शुरू हुई इस नई व्यवस्था से अब जमीन, प्लॉट और फ्लैट की रजिस्ट्री पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और कागजरहित तरीके से होगी. नई प्रणाली शुरू होने पर लोगों ने खुशी जताई और इसे रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया.
दीप प्रज्वलित कर हुई नई व्यवस्था की शुरुआत
सोनपुर अवर निबंधन कार्यालय में पेपरलेस रजिस्ट्री का शुभारंभ अवर निबंधक गोपेश चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान विभागीय अधिकारी और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे.
इन लोगों ने कराई पहली पेपरलेस रजिस्ट्री
नई व्यवस्था के तहत पहली पेपरलेस रजिस्ट्री दिघवारा प्रखंड के कुरैया इस्माइला निवासी सुल्तान मियां और नसीमा बीवी ने कराई. वहीं दूसरी रजिस्ट्री सुरेश राय और शंभू राय के बीच संपन्न हुई. ये सभी इस नई डिजिटल व्यवस्था के पहले लाभार्थी बने.
फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक, समय और धन की होगी बचत
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित होगी. इससे फर्जी दस्तावेजों, धोखाधड़ी और बिचौलियों की भूमिका पर प्रभावी अंकुश लगेगा. कागजी कार्रवाई कम होने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी तथा लोगों को लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी.
80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को घर बैठे मिलेगी सुविधा
बिहार निबंधन नियमावली-2026 के तहत 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे रजिस्ट्री कराने की सुविधा दी गई है. विभाग के अधिकृत कर्मी उनके घर पहुंचकर बायोमेट्रिक सत्यापन और अन्य डिजिटल औपचारिकताएं पूरी करेंगे, जिसके बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
10 दिन में फैसला नहीं तो आवेदन स्वत: बढ़ेगा आगे
नए नियम के अनुसार यदि अंचल कार्यालय किसी आवेदन पर 10 दिनों के भीतर स्वीकृति या अस्वीकृति नहीं देता है, तो आवेदन स्वतः निबंधन कार्यालय के पोर्टल पर आगे की प्रक्रिया के लिए भेज दिया जाएगा. इससे अनावश्यक विलंब पर रोक लगेगी.
नई व्यवस्था के प्रमुख लाभ
- रजिस्ट्री के लिए पहले से दस्तावेज तैयार कराने की जरूरत नहीं.
- अतिरिक्त प्रमाण-पत्र या पहचान साक्ष्य साथ लाने की आवश्यकता नहीं.
- केवल आधार नंबर के आधार पर प्रक्रिया पूरी होगी.
- फर्जी व्यक्ति के प्रस्तुत होने की संभावना लगभग समाप्त होगी.
- डिजिटल दस्तावेज कहीं से भी डाउनलोड किए जा सकेंगे.
- दस्तावेज गुम या नष्ट होने की आशंका नहीं रहेगी.
- पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक होगी.
क्या बोले अवर निबंधक
अवर निबंधक गोपेश चौधरी ने कहा कि सरकार की यह पहल सराहनीय है. इससे रजिस्ट्री की प्रक्रिया कम समय में पूरी होगी और पूर्व में आने वाली कई तकनीकी व प्रक्रियागत त्रुटियां समाप्त हो जाएंगी.
