सारण सदर अस्पताल में पहली बार पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी, एपिड्यूरल तकनीक से दो महिलाओं का सुरक्षित प्रसव

सारण के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. छपरा सदर अस्पताल में पहली बार पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी की सुविधा सफलतापूर्वक शुरू की गई है. आधुनिक एपिड्यूरल एनाल्जीसिया तकनीक से दो महिलाओं का सुरक्षित और दर्दरहित प्रसव हुआ है.

Saran News: सारण के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है. अब तक निजी अस्पतालों तक सीमित मानी जाने वाली पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी (दर्दरहित सामान्य प्रसव) की सुविधा पहली बार छपरा सदर अस्पताल में सफलतापूर्वक शुरू की गई है. आधुनिक एपिड्यूरल एनाल्जीसिया तकनीक की मदद से दो महिलाओं का सुरक्षित और दर्दरहित सामान्य प्रसव कराया गया.

सरकारी अस्पताल में इस तकनीक के सफल प्रयोग से न केवल प्रसूति सेवाओं की गुणवत्ता में नया अध्याय जुड़ा है, बल्कि यह भी साबित हुआ है कि अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अब आम लोगों की पहुंच में हैं. प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा एनेस्थीसिया विभाग के संयुक्त प्रयास से मिली इस सफलता को जिले की मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है.

पहली बार सरकारी अस्पताल में मिली पेनलेस डिलीवरी की सुविधा

सदर अस्पताल में पहली बार एपिड्यूरल एनाल्जीसिया तकनीक का उपयोग करते हुए दो महिलाओं की सफल पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी कराई गई. इस तकनीक से प्रसव पीड़ा को काफी हद तक नियंत्रित किया जाता है, जिससे महिला को असहनीय दर्द का सामना नहीं करना पड़ता और वह पूरी तरह होश में रहते हुए सामान्य प्रसव कर पाती है.

अब तक यह सुविधा मुख्य रूप से बड़े निजी अस्पतालों में उपलब्ध थी. ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी अब सरकारी अस्पताल में आधुनिक एवं सुरक्षित प्रसूति सेवाओं का लाभ मिलेगा.

कैसे काम करती है एपिड्यूरल एनाल्जीसिया तकनीक

इस तकनीक में रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में स्थित एपिड्यूरल स्पेस में एक पतली कैथेटर (ट्यूब) के माध्यम से दर्द निवारक दवा दी जाती है. इससे प्रसव के दौरान होने वाला तीव्र दर्द काफी कम हो जाता है, जबकि महिला पूरी तरह होश में रहती है.

प्रसूता पूरे समय डॉक्टरों के संपर्क में रहती है और उनके निर्देशानुसार सामान्य प्रसव की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी कर सकती है. यदि किसी कारणवश सिजेरियन ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ती है, तो उसी एपिड्यूरल कैथेटर के माध्यम से एनेस्थीसिया देकर ऑपरेशन भी किया जा सकता है.

दो महिलाओं का सफल एवं सुरक्षित प्रसव

इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से छपरा सदर प्रखंड के खलपुरा गांव निवासी साक्षी सिंह तथा मढ़ौरा निवासी ममता कुमारी का सफल और सुरक्षित सामान्य प्रसव कराया गया. दोनों महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं की स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई गई है.

परिजनों ने सरकारी अस्पताल में उपलब्ध कराई गई इस आधुनिक सुविधा और चिकित्सकों की कार्यशैली की सराहना करते हुए इसे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी राहत बताया.

सामान्य प्रसव को मिलेगा बढ़ावा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पेनलेस नॉर्मल डिलीवरी की शुरुआत से महिलाओं में सामान्य प्रसव के प्रति विश्वास बढ़ेगा. साथ ही, अनावश्यक सिजेरियन ऑपरेशन की संख्या में भी कमी आने की संभावना है. यह पहल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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By प्रभात किरण हिमांशु

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