Saran News: सारण जिले में जुलाई महीने के 27 दिनों में अब तक औसत 189.38 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है. यह सामान्य वर्षापात 318.70 मिलीमीटर की तुलना में करीब 40 फीसदी कम है. हालांकि, किसानों के लिए अब तक हुई बारिश काफी मददगार साबित हुई है. जिले में धान के बिचड़े लगाने का लक्ष्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि 60 फीसदी से अधिक धान की रोपनी भी पूरी हो गयी है.
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में 27 जुलाई तक जिले में 189.38 मिलीमीटर औसत बारिश हुई है. सामान्य वर्षापात 318.70 मिलीमीटर है. जुलाई के अभी तीन दिन शेष हैं, ऐसे में विभाग को उम्मीद है कि बारिश में सुधार होने पर सामान्य वर्षापात के आंकड़े के करीब पहुंचा जा सकता है.
99.80 फीसदी धान के बिचड़े तैयार
जुलाई में हुई बारिश का असर धान की खेती पर भी दिख रहा है. जिले में धान के बिचड़े लगाने का लक्ष्य 10,021.99 हेक्टेयर निर्धारित किया गया था. 27 जुलाई तक लक्ष्य का 99.80 फीसदी बिचड़ा लगाया जा चुका है.
वहीं, जिले में धान की रोपनी का लक्ष्य 1,00,219.08 हेक्टेयर निर्धारित है. इसके मुकाबले अब तक 61,608 हेक्टेयर में धान की रोपनी पूरी हो चुकी है. इससे स्पष्ट है कि जिले में धान की रोपनी का काम तेजी से चल रहा है.
बारिश मक्का की खेती के लिए भी अनुकूल साबित हुई है. जिले में मक्का की खेती का लक्ष्य 15,608 हेक्टेयर रखा गया है, जिसके मुकाबले 14,022 हेक्टेयर में मक्का की खेती हो चुकी है. इसी तरह अरहर की खेती का लक्ष्य 3,204 हेक्टेयर है, जबकि अब तक 2,408 हेक्टेयर में अरहर लगायी जा चुकी है.
13 जुलाई को सबसे अधिक बारिश
जुलाई महीने में अब तक सबसे अधिक बारिश 13 जुलाई को दर्ज की गयी. इस दिन जिले में 771 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गयी. इसके अलावा 10 जुलाई को 395 मिलीमीटर, 11 जुलाई को 342 मिलीमीटर और 14 जुलाई को 441 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी.
19 जुलाई को भी जिले में जोरदार बारिश हुई और इस दिन 540 मिलीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गयी.
लहलादपुर में सबसे अधिक 377 मिमी बारिश
जुलाई महीने में अत्यधिक बारिश के मामले में लहलादपुर प्रखंड ने परसा को पीछे छोड़ दिया है. कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, लहलादपुर में अब तक औसत 377 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है. वहीं परसा प्रखंड में करीब 357 मिलीमीटर बारिश हुई है.
इससे जिले के अलग-अलग प्रखंडों में बारिश के वितरण में भी अंतर देखने को मिल रहा है. कुछ प्रखंडों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कई क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गयी है.
जून-जुलाई में तीन साल की बारिश की स्थिति
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून-जुलाई में पिछले तीन वर्षों की तुलना में इस वर्ष भी बारिश सामान्य से कम रही है.
- 2024-25: औसत 142.63 मिलीमीटर बारिश, सामान्य से करीब 68 फीसदी कम.
- 2025-26: औसत 206.95 मिलीमीटर बारिश, सामान्य से 54.23 फीसदी कम.
- 2026-27: अब तक औसत 225.39 मिलीमीटर बारिश, सामान्य से करीब 50.16 फीसदी कम.
इस तरह जून और जुलाई को मिलाकर इस वर्ष अब तक बारिश सामान्य से करीब 50 फीसदी कम दर्ज की गयी है.
बारिश कम, फिर भी खेती की रफ्तार तेज
बारिश की कमी के बावजूद सारण में खरीफ फसलों की खेती का काम तेजी से चल रहा है. धान के बिचड़े लगाने का लक्ष्य लगभग पूरा हो चुका है और 61 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान की रोपनी हो चुकी है. किसानों को उम्मीद है कि जुलाई के बचे दिनों में अच्छी बारिश हुई तो धान की रोपनी का निर्धारित लक्ष्य भी पूरा कर लिया जाएगा.
क्या बोले जिला कृषि पदाधिकारी
जिला कृषि पदाधिकारी मधुरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जुलाई महीने में ठीक-ठाक बारिश हुई है, लेकिन अभी भी सामान्य से करीब 40 फीसदी कम बारिश है. धान के बिचड़े लगाने का लक्ष्य लगभग प्राप्त हो चुका है और रोपनी भी शुरू हो चुकी है. उम्मीद है कि धान की रोपनी का निर्धारित लक्ष्य भी प्राप्त कर लिया जाएगा.
