किसानों की मेहनत को पैरों तले रौंद रही नीलगाय, फसलों को कर रही बर्बाद

किसानों के जमा पूंजी व कठिन मेहनत की कमाई से खेतों में उगये जा रहे है गेंहू, मक्के, आलू, सरसों के फसलों को चंद मिनटों में नीलगायों के झुंड चट कर जा रहे है.

तरैया. किसानों के जमा पूंजी व कठिन मेहनत की कमाई से खेतों में उगये जा रहे है गेंहू, मक्के, आलू, सरसों के फसलों को चंद मिनटों में नीलगायों के झुंड चट कर जा रहे है. नीलगायों के आतंक से किसान परेशान है. नीलगायों की झुंड एक साथ दर्जनों की संख्या में चल रहे है. किसान खेतों में उगे फसलों की रखवाली रखते है उसके बाद भी मौके पाकर खेतों में नीलगायों की झुंड पहुंच जा रहे है. मक्के, आलू व सरसों के पौधे थोड़ बड़े हुए है जबकि गेंहू तो मात्रा अभी तीन से चार पत्ते के हुए है उसे भी नीलगाय नहीं छोड़ रहे है. कई किसानों ने अपने खेतों को कंटीले तार व बांस के सहारे घेर रखे है तो कुछ किसान खेतों में पुतला बना कर नीलगायों के आतंक से फसलों को बचाने का प्रयास कर रहे है. किसानों ने बताया कि पहले दियारे क्षेत्र के किसान नीलगायों के आतंक से परेशान रहते थे. नीलगायों के आतंक से दियारे क्षेत्र के किसान अपने खेतों में फसलों को लगाना छोड़ देते थे. आज वहीं स्थिति प्रखंड क्षेत्र के लगभग सभी पंचायतों के गांवों की बनी हुई है. उन्होंने कृषि विभाग व वन विभाग इस पर ठोस कदम उठाने की मांग किया है. किसान महंगे दामों पर बीज खाद खरीदते है. काफी रुपये खर्च कर जुताई बुआई कर फसल उपजाते है और पलक झपकते ही नीलगायों की झुंड खेतों में पहुंचकर चट कर जा रहे है.

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Published by: Alok kumar

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