Saran Government Degree College: आज़ादी के बाद से उच्च शिक्षण संस्थान की प्रतीक्षा कर रहे मढ़ौरा प्रखंड के लोगों का सपना अब साकार होने जा रहा है. बुधवार 15 जुलाई को मुबारकपुर पंचायत के मुबारकपुर गांव स्थित उत्क्रमित +2 विद्यालय परिसर में राजकीय डिग्री कॉलेज का विधिवत शुभारंभ होगा. उद्घाटन को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और कॉलेज परिसर को सजाने-संवारने का कार्य अंतिम चरण में है.
अधिकारियों ने लिया तैयारियों का जायजा
जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को मढ़ौरा एसडीएम निधि राज, बीडीओ अभिषेक कुमार प्रभाकर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों समेत कई पदाधिकारियों ने कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया. इस दौरान कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शकील अहमद अता से उद्घाटन समारोह और शैक्षणिक गतिविधियों की तैयारियों की जानकारी ली गई. अधिकारियों ने परिसर में विद्यार्थियों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
शिलापट्ट का होगा अनावरण, फूलों और गुब्बारों से सजेगा परिसर
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला योजना पदाधिकारी को सभी नए कॉलेजों में शिलापट्ट लगाने का निर्देश दिया गया है, जिसका अनावरण स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा. उद्घाटन समारोह को यादगार बनाने के लिए कॉलेज परिसर को फूलों और गुब्बारों से सजाया जा रहा है, ताकि उत्सवी माहौल बनाया जा सके.
राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलन के साथ होगा उद्घाटन
उद्घाटन समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राज्य गीत से होगी. इसके बाद दीप प्रज्वलन तथा जनप्रतिनिधियों के संबोधन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम के लिए अलग से टेंट या पंडाल नहीं लगाया जाएगा. समारोह कॉलेज के कक्ष में ही आयोजित होगा और इस दौरान नियमित शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित नहीं होंगी.
सारण के नौ प्रखंडों में एक साथ खुलेंगे नए डिग्री कॉलेज
मढ़ौरा के साथ-साथ सारण जिले के इसुआपुर, दरियापुर, एकमा, मशरक, मकेर, तरैया, लहलादपुर और पानापुर प्रखंडों में भी 15 जुलाई से नए राजकीय डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ किया जाएगा. इससे जिले के हजारों विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और दूसरे शहरों पर निर्भरता कम होगी.
स्थानीय लोगों का कहना है कि मढ़ौरा में राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना क्षेत्र के विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं के लिए बड़ी सौगात है. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी अपने क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का लाभ मिल सकेगा.
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