Saran News : जयप्रकाश विश्वविद्यालय में सत्र 2023-27 के छात्र-छात्राओं के मार्कशीट और रिजल्ट से जुड़ी समस्याओं को लेकर मामला गरमाता जा रहा है. समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया. आइसा नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताते हुए लंबित अंकपत्र जारी करने और रिजल्ट की त्रुटियों को दूर करने की मांग की.
कई विद्यार्थियों को अब तक नहीं मिला मूल अंकपत्र
आइसा नेताओं के अनुसार चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के सत्र 2023-27 के कई विद्यार्थियों को अब तक मूल अंकपत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है. संगठन का कहना है कि अंकपत्र नहीं मिलने के कारण विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई, विभिन्न शैक्षणिक प्रक्रियाओं और फॉर्म भरने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
वहीं, कई विद्यार्थियों के रिजल्ट में तकनीकी और लिपिकीय त्रुटियां होने का भी दावा किया गया है. छात्र संगठन ने इन त्रुटियों का जल्द सुधार कराने की मांग की है.
कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे छात्र नेता
समस्या के समाधान को लेकर आइसा का प्रतिनिधिमंडल कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय पहुंचा. संगठन के नेताओं के अनुसार तीनों प्रमुख अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं मिले.
आइसा नेताओं ने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों से विद्यार्थी अपनी समस्याएं लेकर विश्वविद्यालय पहुंचते हैं. ऐसे में संबंधित अधिकारियों के कार्यालय में मौजूद नहीं मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है. इसको लेकर छात्र नेताओं ने अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की.
लंबित अंकपत्र तत्काल जारी करने की मांग
आइसा ने सत्र 2023-27 के सभी लंबित अंकपत्र तत्काल जारी करने की मांग की है. इसके साथ ही रिजल्ट में मौजूद तकनीकी और लिपिकीय त्रुटियों को शीघ्र दूर करने तथा विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की गयी.
संगठन ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों की नियमित उपस्थिति और विद्यार्थियों की समस्याओं के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग रखी.
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
आइसा जिलाध्यक्ष कुणाल कौशिक और सचिव विकाश कुमार समेत अनीश, प्रिंस, रानी, रिया, राजलक्ष्मी, सोनू, अखिलेश, सितारा और राजतारा ने कहा कि यदि विद्यार्थियों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो विश्वविद्यालय में अनिश्चितकालीन तालाबंदी और आंदोलन किया जायेगा.
आइसा नेताओं ने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी.
