त्योहार पर घर जाने वालों के लिए रेलवे की सौगात, छपरा-हाजीपुर होकर झांसी-आसनसोल के बीच 16 फेरे लगाएगी स्पेशल ट्रेन

आगामी त्योहारों के मद्देनजर रेल प्रशासन ने यात्रियों को राहत देने का निर्णय लिया है. झांसी और आसनसोल के बीच एक विशेष ट्रेन चलाई जा रही है, जो छपरा होकर गुजरेगी. इसमें 21 कोच होंगे और यह 7 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेगी.

Festival Special Train: अक्टूबर-नवंबर में होने वाले पर्व-त्योहारों को देखते हुए रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है. वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन और आसनसोल के बीच द्वि-साप्ताहिक त्योहार विशेष ट्रेन का परिचालन छपरा होकर किया जायेगा. 04185/04186 नंबर की यह विशेष ट्रेन 7 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेगी. दोनों दिशाओं को मिलाकर ट्रेन कुल 16 फेरे लगाएगी. त्योहार के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए इस ट्रेन के परिचालन से यात्रियों को आवागमन के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा.

बुधवार और रविवार को झांसी से खुलेगी ट्रेन

04185 झांसी-आसनसोल विशेष ट्रेन प्रत्येक बुधवार और रविवार को झांसी से सुबह 9:20 बजे रवाना होगी. इसके बाद ट्रेन प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर सिटी, बलिया और सुरेमनपुर होते हुए अगले दिन सुबह 4:50 बजे छपरा पहुंचेगी. छपरा से आगे ट्रेन हाजीपुर, बरौनी, किऊल, झाझा, जसीडीह, मधुपुर और चित्तरंजन के रास्ते आसनसोल जायेगी. निर्धारित समय के अनुसार ट्रेन दोपहर 2:45 बजे आसनसोल पहुंचेगी.

वापसी में सोमवार और गुरुवार को चलेगी

वापसी में 04186 आसनसोल-झांसी विशेष ट्रेन प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को शाम 5:10 बजे आसनसोल से रवाना होगी. यह ट्रेन अगले दिन रात 2:40 बजे छपरा पहुंचेगी. छपरा के बाद ट्रेन वाराणसी और प्रयागराज होते हुए फतेहपुर, गोविंदपुरी, पुखरायां और उरई के रास्ते झांसी पहुंचेगी. ट्रेन के झांसी पहुंचने का निर्धारित समय शाम 7:10 बजे है.

21 कोच के साथ चलेगी त्योहार स्पेशल

त्योहार विशेष ट्रेन में कुल 21 कोच लगाए जायेंगे. इनमें तृतीय वातानुकूलित श्रेणी के दो कोच, शयनयान श्रेणी के नौ और सामान्य श्रेणी के आठ कोच शामिल हैं. इस विशेष ट्रेन के परिचालन से छपरा समेत रूट में पड़ने वाले कई प्रमुख स्टेशनों के यात्रियों को त्योहार के दौरान आवागमन के लिए अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी.

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लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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