सारण में 102 एंबुलेंस का पूरा सिस्टम होगा मॉनिटर, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, जानें कैसे हो रही निगरानी

Saran 102 Ambulance : सारण जिले में 102 निःशुल्क एंबुलेंस सेवा की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है. कॉल से लेकर अस्पताल में भर्ती होने तक हर चरण पर नजर रखी जा रही है. जुलाई 2026 तक 6,610 मरीजों को इस सेवा का लाभ मिला है, जिसमें गर्भवती महिलाएं प्रमुख हैं.

Saran 102 Ambulance : सारण जिले में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाली 102 निःशुल्क एंबुलेंस सेवा की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है. 102 हेल्पलाइन पर कॉल आने से लेकर एंबुलेंस के डिस्पैच, मरीज को पिकअप करने, अस्पताल पहुंचाने और भर्ती कराने तक पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है. जुलाई 2026 तक जिले में 6,610 मरीजों को इस सेवा से सहायता मिली है, जिसमें 5,108 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं.

कॉल से अस्पताल तक हर चरण की निगरानी

102 हेल्पलाइन पर मरीज या उनके परिजन की कॉल रिसीव होने के बाद एंबुलेंस की उपलब्धता और रिस्पॉन्स टाइम की निगरानी की जा रही है. इसके बाद डिस्पैच, मरीज के पिकअप और अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया को भी ट्रैक किया जा रहा है. मरीजों के अस्पताल पहुंचने के बाद भर्ती की स्थिति तक पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने का प्रयास किया जा रहा है.

जुलाई तक 6610 मरीजों को मिली मदद

आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 तक सारण जिले में 102 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से कुल 6,610 मामलों में मरीजों को सहायता दी गयी. इनमें 5,108 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया. वहीं 141 नवजात एवं गंभीर मरीजों को विशेष चिकित्सा सहायता उपलब्ध करायी गयी.

सड़क दुर्घटना के 221 पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया

102 सेवा के जरिये इस अवधि में 221 सड़क दुर्घटना पीड़ितों को भी समय पर अस्पताल पहुंचाया गया. इसके अलावा 1,140 अन्य मरीजों को एंबुलेंस सेवा का लाभ मिला. इस तरह आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में सेवा की भूमिका महत्वपूर्ण रही.

एंबुलेंस में दवाओं की हर महीने जांच

एंबुलेंस में उपलब्ध आपातकालीन दवाओं की प्रत्येक महीने जांच की जा रही है. क्लस्टर लीडर दवाओं की उपलब्धता और स्थिति की जांच करते हैं. जरूरत के अनुसार दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के बाद ऑपरेशन मैनेजर स्तर से भी दोबारा जांच की जाती है.

तकनीकी व्यवस्था और कॉल सेंटर पर भी नजर

सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए क्वालिटी टीम एंबुलेंस के तकनीकी मामलों की नियमित निगरानी कर रही है. इसके साथ ही 102 कॉल सेंटर पर आने वाली कॉल की भी मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी तरह की तकनीकी या संचालन संबंधी कमी सामने आने पर समय रहते सुधार किया जा सके.

मरीजों से लिया जा रहा फीडबैक

102 सेवा के उपयोग के बाद मरीजों और उनके परिजनों से फीडबैक कॉल के माध्यम से जानकारी ली जा रही है. इससे एंबुलेंस की सेवा, रिस्पॉन्स और अस्पताल तक पहुंचाने की प्रक्रिया को लेकर वास्तविक अनुभव सामने आते हैं. प्राप्त फीडबैक के आधार पर कमियों में सुधार करने का प्रयास किया जा रहा है.

लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

जेन प्लस सर्विसेज के बिहार प्रोजेक्ट हेड दीपक श्रीवास्तव ने कहा है कि मरीजों की सेवा में किसी भी तरह की लापरवाही या चूक बर्दाश्त नहीं की जायेगी. दोषी पाये जाने पर तत्काल कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि 102 एंबुलेंस सेवा का उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित, समयबद्ध और बेहतर स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराना है.

निःशुल्क सेवा का हो रहा संचालन

102 एंबुलेंस सेवा का संचालन राज्य सरकार के सहयोग से जेन प्लस सर्विसेज द्वारा निःशुल्क किया जा रहा है. सेवा का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को आपात स्थिति में अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाना है. इसके लिए निगरानी, गुणवत्ता जांच और फीडबैक व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है.

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By प्रभात किरण हिमांशु

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