Chhapra News : शहर के चौक-चौराहे से गायब हुए 12 सौ गीले और सूखे कचरे के कूड़ेदान

Chhapra News : वित्तीय वर्ष 2013 से 2017 तक छपरा नगर निगम ने सफाई संसाधनों की खरीदारी में पांच करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए थे, लेकिन इन संसाधनों का कहीं भी पता नहीं चल रहा है.

छपरा. वित्तीय वर्ष 2013 से 2017 तक छपरा नगर निगम ने सफाई संसाधनों की खरीदारी में पांच करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए थे, लेकिन इन संसाधनों का कहीं भी पता नहीं चल रहा है. इन संसाधनों में कूड़ेदान, कंटेनर, पीकिंग मशीन, और अन्य सफाई उपकरण शामिल थे, जिनका उद्देश्य शहर में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग संग्रहित करना था. हालांकि, शहर के चौक-चौराहों और निगम परिसर में इन संसाधनों का कहीं भी दिखाई नहीं देना नागरिकों के बीच कई सवाल खड़े कर रहा है.

नागरिकों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी, सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और कचरा खुलेआम सड़कों पर फेंका जा रहा है. कई कूड़ेदान गायब हो चुके हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है.

संसाधनों की खरीदारी में हुई भ्रष्टाचार की आशंका

सफाई संसाधनों की खरीदारी 2013 से लेकर 2017 तक विभिन्न चरणों में की गयी थी. शुरुआत में 2.99 करोड़ रुपये की लागत से कंटेनर पीकिंग मशीन और कंटेनर खरीदे गये थे. इसके बाद, लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखने के लिए अन्य संसाधन खरीदे गये थे. इसके बावजूद, 2023 तक कई करोड़ों रुपये की लागत से और संसाधन खरीदे गये थे, लेकिन उनका कोई लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है. नागरिकों का कहना है कि यह सभी संसाधन या तो चोरी हो गये हैं या फिर इनकी खरीदारी में भ्रष्टाचार हुआ है.

सफाई के नाम पर हो रही है सिर्फ लूट

बीते 10 वर्षों के दौरान खरीदे गये संसाधनों की जांच होनी चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सके.

सुल्तान इदरीसी, करीम चौक

शहर में कहीं भी आप चौक-चौराहे पर कूड़ेदान नहीं पाएंगे. पता नहीं जो रुपए खर्च हुए वह किस मद में खर्च हुए या फिर कमीशन में गए.

सुशील कुमार सिंह, दहियावां, छपरानगर निगम छपरा की स्थिति कभी नहीं सुधार सकती, क्योंकि नगर निगम की पूरी टीम चाहे वह प्रशासनिक हो या फिर सफेद पोश हो, सभी कहीं ना कहीं कालिख के कोठरी में है.

अभय कुमार राय, श्याम चकछपरा नगर निगम में सफाई के नाम पर केवल लूट हो रही है. इसका उदाहरण देखना है तो पिछले 10 साल की खरीदारी, मानदेय भुगतान और तेल खपत की जांच कर दी जाए तो सब कुछ सामने आ जायेगा.

शुभ नारायण ओझा, गुदरी

इस मामले की पड़ताल की जा रही है

इस मामले की पड़ताल की जा रही है. आखिर में यह संसाधन कहां है. वैसे शहर में कहीं भी कूड़ा नहीं दिखेगा. क्योंकि प्रतिदिन कई शिफ्ट में साफ सफाई हो रही है.

सुनील कुमार पांडे, नगर आयुक्त, छपरा नगर निगम

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Author: ALOK KUMAR

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