Saran Flood Water: गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर का असर अब दिघवारा के सरकारी स्कूलों पर भी दिखाई देने लगा है. अंचल के आधा दर्जन से अधिक सरकारी विद्यालयों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. इससे इन स्कूलों में पठन-पाठन प्रभावित होने की स्थिति बन गयी है. विद्यालय परिसर में पानी पहुंचने के बाद प्रधान शिक्षकों और अन्य शिक्षकों की परेशानी भी बढ़ गयी है.
बाढ़ का पानी जिन विद्यालयों में पहुंचा है, उनमें बरुआ पंचायत का प्राथमिक विद्यालय मिल्की, मानुपुर पंचायत का नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कटहरीघाट, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय मुस्लिम टोला, आमी का उत्क्रमित मध्य विद्यालय मथुरापुर, नगर पंचायत का नवसृजित प्राथमिक विद्यालय हेमतपुर और प्राथमिक विद्यालय बगही शामिल हैं.
कई स्कूलों में पानी प्रवेश करने से पढ़ाई पर असर
बाढ़ के पानी के स्कूल परिसरों में पहुंचने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गयी है. निचले इलाकों में स्थित इन विद्यालयों में जलस्तर बढ़ने के साथ स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है.
इसके अलावा कई अन्य सरकारी स्कूलों के आसपास भी बाढ़ के पानी का दबाव बना हुआ है. ऐसे विद्यालयों में भी पानी प्रवेश करने की आशंका जतायी जा रही है.
प्रधान शिक्षकों ने शिक्षा विभाग को दी सूचना
जिन विद्यालयों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है, वहां के प्रधान शिक्षकों ने इसकी लिखित सूचना प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डेजी कुमारी को दे दी है.
विद्यालयों में उत्पन्न स्थिति की जानकारी शिक्षा विभाग तक पहुंचने के बाद अब वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी की जा रही है, ताकि बच्चों की पढ़ाई को ज्यादा प्रभावित होने से बचाया जा सके.
वैकल्पिक जगह पर हो सकती है कक्षा संचालन की व्यवस्था
बाढ़ का पानी स्कूल परिसर में रहने की स्थिति में प्रभावित विद्यालयों के वर्ग संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किये जाने की उम्मीद है. शिक्षा विभाग की ओर से इस दिशा में जल्द निर्णय लिये जाने की संभावना है.
स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में स्थित विद्यालयों की स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत है. बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जलभराव वाले विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है.
हेमतपुर और मिल्की स्कूल की तस्वीर बनी स्थिति की गवाह
दिघवारा नगर पंचायत के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय हेमतपुर के समीप बाढ़ का पानी फैल गया है. वहीं बरुआ पंचायत का नवसृजित प्राथमिक विद्यालय मिल्की भी बाढ़ के पानी से प्रभावित है. इन विद्यालयों की स्थिति से अंदाजा लगाया जा सकता है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर अब शिक्षा व्यवस्था तक पहुंच गया है.
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