Ganga Water Level: गंगा के बढ़े जलस्तर के बीच दिघवारा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. घरों में पानी घुसने के बाद बड़ी संख्या में लोग विस्थापित होकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं. हराजी के कल्लू चौक मोड़ से लेकर अवतारनगर थाना तक फोरलेन सड़क के दक्षिणी छोर पर गंगा के पानी का दबाव बना हुआ है. बोधाछपरा, झौवा, मौजमपुर समेत कई जगहों पर लोग फोरलेन के किनारे तिरपाल लगाकर अपने परिवार और मवेशियों के साथ समय गुजारने को विवश हैं.
बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए फोरलेन की एक लेन को लंबी दूरी तक बंद रखा गया है, ताकि विस्थापित परिवारों को सड़क किनारे सुरक्षित जगह मिल सके. सड़क के आसपास के कई इलाकों में सब्जी की फसलें भी बाढ़ के पानी में डूबकर बर्बाद हो गयी हैं.
फोरलेन के किनारे तिरपाल के नीचे परिवार और मवेशियों के साथ गुजर रही जिंदगी
अकिलपुर पंचायत में बाढ़ का पानी फैलने के बाद प्रभावित परिवार घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल रहे हैं. कई परिवारों ने फोरलेन सड़क को ही फिलहाल अपना आश्रय बना लिया है. बोधाछपरा, झौवा और मौजमपुर में लोग बच्चों और मवेशियों के साथ सड़क किनारे रहने को मजबूर हैं.
फोरलेन के एक लेन पर वाहनों की आवाजाही रोककर प्रभावित लोगों के लिए जगह उपलब्ध करायी गयी है. खुले आसमान के नीचे रह रहे परिवारों के सामने भोजन, पीने के पानी, पशुओं के चारे और दूसरी जरूरी सुविधाओं की चुनौती भी बनी हुई है.
अवतारनगर थाना परिसर में घुसा बाढ़ का पानी
बाढ़ का पानी अब अवतारनगर थाना परिसर में भी प्रवेश कर गया है. शुक्रवार को पानी तेजी से बढ़ने के कारण थाना परिसर के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया. इससे पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को परिसर में आने-जाने में परेशानी हो रही है.
थाना परिसर के बाहर खड़े जब्त वाहन भी बाढ़ के पानी में डूब गये हैं. जिस गति से पानी थाना परिसर में प्रवेश कर रहा है, उससे आने वाले समय में स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है.
आमी मंदिर के निचले रास्ते पर पानी, वाहनों का आवागमन बंद
आमी मंदिर जाने वाले निचले रास्ते पर भी बाढ़ का पानी दो स्थानों पर चढ़ गया है. पानी की अधिक मात्रा जमा होने के कारण इस रास्ते से वाहनों का मंदिर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. जलजमाव वाले हिस्से से गुजरना जोखिम भरा बना हुआ है.
कर्मवारीपट्टी के पास स्थित नमामि गंगे घाट पूरी तरह जलमग्न हो गया है. घाट के आसपास लगी दुकानें भी बाढ़ के पानी में डूब गयी हैं. मां अंबिका भवानी घाट के आसपास भी पानी फैल गया है और पूजन सामग्री तथा प्रसाद की दुकानें प्रभावित हुई हैं.
आमी के गंगा घाटों पर पसरा पानी, श्रद्धालुओं की बढ़ी परेशानी
गंगा का पानी घाटों तक पहुंचने के कारण आमी में श्रद्धालुओं के लिए स्नान और पूजा-पाठ करना मुश्किल हो गया है. घाटों के आसपास पानी फैलने से स्थानीय दुकानदारों को भी नुकसान हुआ है.
गंगा घाट और आसपास के निचले हिस्सों में लगातार बढ़ते पानी के कारण लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.
मथुरापुर में भी बढ़ा बाढ़ का दबाव, स्कूल पानी से घिरा
आमी के मथुरापुर इलाके में भी बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है. इस मार्ग पर पानी बढ़ने से आवागमन प्रभावित होने की आशंका है. यहां स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय मथुरापुर चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है. इसके कारण विद्यालय में पठन-पाठन प्रभावित हुआ है.
मथुरापुर मार्ग से चिमनी और गंगा घाट की ओर जाने में भी लोगों को परेशानी हो रही है.
सूखी जमीन नहीं मिली तो फोरलेन किनारे हो रहा अंतिम संस्कार
बाढ़ का असर केवल जीवित लोगों तक सीमित नहीं है. पानी फैलने के कारण अंत्येष्टि के लिए भी सूखी जमीन की समस्या खड़ी हो गयी है. दिघवारा, दरियापुर, गड़खा, परसा और अमनौर समेत आसपास के प्रखंडों से लोग शव लेकर आमी पहुंच रहे हैं.
मथुरापुर गंगा घाट जाने वाले रास्ते पर पानी जमा होने के कारण कई परिवार मुख्य गंगा धारा तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. ऐसी स्थिति में बोधाछपरा टोल टैक्स से गौराईपुर तक फोरलेन सड़क के किनारे ही अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है.
पिपरा घाट भी जलमग्न होने के कारण आमी की ओर अधिक संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. बाढ़ की विकट स्थिति में फोरलेन सड़क प्रभावित परिवारों के लिए जहां अस्थायी आश्रय बन गयी है, वहीं कई परिवारों के लिए यही स्थान अंतिम संस्कार का मजबूरन विकल्प भी बन रहा है.
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