छपरा. देश की सेवा कर चुके भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए सारण प्रमंडल में मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट अभिलेख एवं जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में विशेष आउटरीच शिविर का शुभारंभ किया गया. जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के सभागार में आयोजित इस शिविर में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों की पेंशन तथा अन्य तकनीकी समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है.
अहमदनगर से पहुंची विशेषज्ञ टीम कर रही वन-टू-वन समाधान
जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी एवं अवकाश प्राप्त कर्नल मनीष कुमार ने बताया कि मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर एवं रिकॉर्ड्स, अहमदनगर से सेना की विशेषज्ञ टीम विशेष रूप से छपरा पहुंची है. यह टीम पूर्व सैनिकों से सीधे संवाद कर उनकी लंबित समस्याओं का वन-टू-वन निराकरण कर रही है, ताकि उन्हें अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें.
सारण, सीवान और गोपालगंज के पूर्व सैनिकों को मिलेगा लाभ
कर्नल मनीष कुमार ने बताया कि इस शिविर का लाभ केवल सारण जिले तक सीमित नहीं है. सीवान और गोपालगंज जिले के पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों को भी इस अभियान से फायदा मिल रहा है. उन्होंने कहा कि पेंशन, दस्तावेजों और डिजिटल प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है.
स्पर्श पोर्टल और पेंशन संबंधी समस्याओं पर विशेष फोकस
शिविर में स्पर्श (SPARSH) पोर्टल पर डेटा माइग्रेशन से जुड़ी विसंगतियों, पेंशन भुगतान में आ रही बाधाओं, पारिवारिक पेंशन, बच्चों की जन्मतिथि में सुधार, नाम की स्पेलिंग संबंधी त्रुटियों और अन्य दस्तावेजी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है. विशेषज्ञ टीम आवेदकों को उनकी फाइल की वर्तमान स्थिति और आगे की प्रक्रिया की भी जानकारी दे रही है.
डिजिटल जानकारी नहीं रखने वाले पूर्व सैनिकों को मिल रही मदद
विशेषज्ञ टीम ने बताया कि लंबे समय पहले सेवानिवृत्त हुए कई पूर्व सैनिक और वीर नारियां डिजिटल प्रक्रियाओं से परिचित नहीं हैं. ऐसे लोगों के लिए यह शिविर बेहद उपयोगी साबित हो रहा है, जहां उन्हें उनकी समस्याओं की स्थिति जानने के साथ-साथ समाधान भी मिल रहा है.
बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और वीर नारियां हुईं शामिल
कार्यक्रम में अहमदनगर से आए मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट रिकॉर्ड्स के जेसीओ और जवानों के अलावा बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां और उनके आश्रित उपस्थित रहे. शिविर के दौरान सभी की समस्याएं सुनकर उनके त्वरित समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की गई.
