दिघवारा मुख्य बाजार में आठ दुकानों की सीलिंग

पटना उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में मंगलवार को दिघवारा मुख्य बाजार स्थित जिला परिषद की आठ दुकानों को प्रशासनिक उपस्थिति में सील कर दिया गया.

दिघवारा. पटना उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में मंगलवार को दिघवारा मुख्य बाजार स्थित जिला परिषद की आठ दुकानों को प्रशासनिक उपस्थिति में सील कर दिया गया. इस कार्रवाई के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सोनपुर, स्निग्धा नेहा स्वयं मौजूद रहीं. दुकान सील होने की प्रक्रिया के दौरान पूरे बाजार में गहमागहमी का माहौल बना रहा और दुकानदारों ने प्रशासन के विरुद्ध कड़ा रोष प्रकट किया. किसी भी अप्रिय स्थिति या विवाद की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने मुख्य बाजार में पहले से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर रखा था. कार्रवाई के दौरान प्रशासन और दुकानदारों के बीच तीखी बहस भी हुई. जिला परिषद की कार्यशैली से नाराज दुकानदारों ने जमकर नारेबाजी की, हालांकि प्रशासनिक सख्ती के आगे कोई विशेष विरोध सफल नहीं हो सका. वहीं इस कार्रवाई को लेकर दुकानदारों का कहना था कि वर्ष 2015 में निविदा के अनुसार उन्होंने आवेदन पत्र के साथ निर्धारित रकम भी जमा की थी. इसके आधार पर 2020 में जिला परिषद ने दुकानों का आवंटन पत्र जारी किया था. हालांकि, छह महीने बाद उस आवंटन पत्र को रद्द कर दिया गया और 2022 में फिर से नया आवंटन पत्र जारी किया गया. दुकानदारों ने इस फैसले को चुनौती देते हुए पटना उच्च न्यायालय में मुकदमा दायर किया था. वहीं, 2025 में जब दुकानदारों ने अर्धनिर्मित दुकानों में अपनी दुकानदारी शुरू कर दी, तो जिला परिषद ने उन्हें एक माह के भीतर एग्रीमेंट कर दिया. इसके बाद दुकानदारों ने लाखों रुपये खर्च करके अपनी दुकानों को सुसज्जित किया, लेकिन 31 जनवरी 2026 को पटना उच्च न्यायालय ने 2022 में जारी किये गये आवंटन पत्र के आधार पर दुकानों को खाली करने का आदेश दिया, जिसके आलोक में मंगलवार को इन आठ दुकानों को सील कर दिया गया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Alok kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >