सारण के 17 सरकारी स्कूलों में बाढ़ से पढ़ाई ठप, बच्चों की उपस्थिति पर भी असर; निजी स्कूलों की गाड़ियां भी गांवों तक नहीं पहुंच रहीं

दिघवारा में गंगा का जलस्तर बढ़ने से 17 सरकारी स्कूलों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित है और निजी स्कूलों की बसें भी नहीं चल पा रही हैं।

saran flood update : गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के बीच अंचल के 17 सरकारी विद्यालयों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है. इससे इन स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है. बाढ़ प्रभावित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने इसकी लिखित सूचना बीईओ डेजी कुमारी को दी है. वहीं, कई निचले इलाकों में पानी फैलने के कारण निजी विद्यालयों की गाड़ियां भी गांवों तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे वहां पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ा है.

17 सरकारी विद्यालयों में पहुंचा बाढ़ का पानी

बाढ़ के पानी से प्रभावित 17 विद्यालयों में नगर पंचायत क्षेत्र के पांच, रामपुर आमी पंचायत के दो, त्रिलोकचक पंचायत के सात, बरुआ पंचायत का एक और मानूपुर पंचायत के दो विद्यालय शामिल हैं. इनमें सबसे अधिक परेशानी त्रिलोकचक पंचायत में है, जहां सात विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित हुआ है.

शिक्षकों को दूसरे स्कूलों से किया गया टैग

बाढ़ प्रभावित विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं को नजदीकी हाईस्कूलों से टैग किया गया है. उन्हें संबंधित विद्यालयों से ऑनलाइन अटेंडेंस बनाने का निर्देश दिया गया है. डीईओ के निर्देश पर शिक्षकों को बलदेव उच्च विद्यालय त्रिलोकचक, गर्ल्स हाईस्कूल दिघवारा और श्री अंबिका हाईस्कूल आमी से टैग किया गया है.

इन स्कूलों में तत्काल बंद रह सकता है पठन-पाठन

बाढ़ प्रभावित विद्यालयों में न्यू नवसृजित प्राथमिक विद्यालय केसरपुर, प्राथमिक विद्यालय इश्मेला कन्या, मध्य विद्यालय इश्मेला, मध्य विद्यालय त्रिलोकचक, प्राथमिक विद्यालय गोसाईपुर उर्दू, प्राथमिक विद्यालय केसरपुर उर्दू, बलदेव हाईस्कूल त्रिलोकचक, प्राथमिक विद्यालय बरबन्ना, प्राथमिक विद्यालय मझौवा, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय मिल्की, उत्क्रमित मध्य विद्यालय दिघवारा, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कटहरी घाट, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय मुस्लिम टोला, प्राथमिक विद्यालय बगही, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय हेमतपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय मथुरापुर और प्राथमिक विद्यालय कर्मवारीपट्टी शामिल हैं.

इन विद्यालयों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए फिलहाल बच्चों के लिए पठन-पाठन बंद रहने की उम्मीद है. पानी कम होने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही नियमित पढ़ाई शुरू होने की संभावना है.

निजी स्कूलों की गाड़ियां भी कई गांवों तक नहीं पहुंच रहीं

बाढ़ का पानी निचले इलाकों में फैलने के कारण दिघवारा और दरियापुर प्रखंडों के कई गांवों तक निजी विद्यालयों की गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही हैं. इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. इस स्थिति ने निजी स्कूल संचालकों और प्राचार्यों की भी परेशानी बढ़ा दी है.

कई जगह बनाये गये अस्थायी स्टॉपेज

बाढ़ प्रभावित बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने के लिए कई जगहों पर अस्थायी स्टॉपेज बनाये गये हैं. यहां तक बच्चे पहुंचते हैं और स्कूल वाहन उन्हें वहां से रिसीव कर विद्यालय तक ले जाते हैं. इसके बावजूद जलजमाव और बाढ़ के कारण बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

बाढ़ ने सरकारी और निजी दोनों स्कूलों की पढ़ाई रोकी

बाढ़ के पानी ने सरकारी स्कूलों के साथ-साथ निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई को भी प्रभावित किया है. एक ओर सरकारी विद्यालयों में पानी पहुंचने से पठन-पाठन बंद होने की स्थिति है, वहीं दूसरी ओर निजी स्कूलों की परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने से बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं.

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By चंद्रशेखर कुमार

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