Ganga Water Level: दिघवारा में गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि का दौर जारी है. आमी से लेकर पिपरा तक गंगा से सटे इलाकों में बाढ़ के पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है. राईपट्टी, चकनूर, बगही समेत कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी खेतों में प्रवेश कर गया है. इससे मक्का और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. फसल डूबने से हजारों किसानों में मायूसी है.
परवल, कद्दू, नेनुआ, भिंडी, मूली सहित अन्य सब्जियों की फसलें पानी में डूब गयी हैं. कई किसान खेतों में बची सब्जियों को मजबूरी में आढ़तों तक पहुंचा रहे हैं. बड़ी मात्रा में सब्जियां मंडियों में पहुंचने के कारण मूली, नेनुआ और भिंडी जैसी सब्जियों के दाम भी काफी गिर गये हैं.
निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा बाढ़ का पानी
नगर पंचायत के राईपट्टी और चकनूर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है. पुराना थाना मस्जिद के सामने भी पानी का फैलाव बढ़ रहा है. गंगा पार के अकिलपुर पंचायत के कुछ गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जिससे फसलों को नुकसान हुआ है.
जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए पंचायत के कुछ लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो पंचायत के कई अन्य गांव भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं. दोनों ओर से गंगा से घिरे अकिलपुर पंचायत के लोगों की चिंता बढ़ गयी है.
बाढ़ के कारण किसानों की आमदनी भी प्रभावित हुई है. कई जगहों पर फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गयी हैं. पंचायत से दिघवारा की सब्जी आढ़तों तक फसल पहुंचाने में किसानों को परेशानी हो रही है. कुछ किसान मजबूरी में फसल खेत में ही छोड़ दे रहे हैं, जबकि कई किसान औने-पौने दाम पर सब्जियां बेचने को मजबूर हैं.
नये इलाकों में भी पहुंचा पानी, कई रास्ते प्रभावित
बरुआ पंचायत के मिल्की गांव स्थित सरकारी स्कूल के पास बाढ़ के पानी का दबाव बढ़ रहा है. नगर पंचायत के बगही गांव के समीप भी सब्जियां और अन्य फसलें पानी में डूब गयी हैं. यहां बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है.
नगर क्षेत्र के कई इलाकों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है. राईपट्टी और शंकरपुर रोड के सामने मोहल्ले के नजदीक तक पानी पहुंचने से कई रास्तों पर आवागमन प्रभावित हो गया है.
अंत्येष्टि स्थलों पर पानी, फोरलेन किनारे करना पड़ रहा अंतिम संस्कार
बाढ़ के पानी का असर अब अंतिम संस्कार करने वाले स्थानों पर भी पड़ा है. बोधा छपरा, मथुरापुर, आमी, ईशूपुर, सैदपुर, चकनूर, राईपट्टी, शंकरपुर रोड, बसतपुर, मलखाचक, पिपरा और रामदासचक के आसपास पानी फैल गया है.
जिन स्थानों पर पहले अंतिम संस्कार किया जाता था, वहां बाढ़ का पानी जमा है. इसके अलावा गंगा घाटों तक पहुंचने वाले कई रास्ते भी प्रभावित हो गये हैं. ऐसे में लोगों को अपने मृत परिजनों का अंतिम संस्कार करने में परेशानी हो रही है.
मजबूरी में लोग फोरलेन सड़क के किनारे अथवा निर्माणाधीन दिघवारा-शेरपुर सिक्सलेन सड़क पुल के रास्ते के आसपास अंतिम संस्कार करने को विवश हैं. दिघवारा, दरियापुर, परसा और गड़खा सहित आसपास के प्रखंडों से शव लेकर पहुंचे लोगों को फोरलेन सड़क के किनारे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करते देखा गया.
