Saran News: छपरा जिला मुख्यालय के सदर प्रखंड अंतर्गत प्रभुनाथ नगर कॉलोनी में वर्षों से व्याप्त गंभीर जलजमाव की समस्या को पाठकों के लोकप्रिय समाचार पत्र 'प्रभात खबर' द्वारा 28 और 31 अगस्त के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है. खबर का संज्ञान लेते हुए सोमवार को उप विकास आयुक्त (DDC) लक्ष्मण तिवारी (भा.प्र.से.) ने स्वयं प्रभुनाथ नगर कॉलोनी पहुंचकर जलजमाव की विकराल स्थिति का गहन स्थलीय निरीक्षण किया.
नालों की उड़ाही और अतिक्रमणमुक्त कराने का सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने कॉलोनी के विभिन्न मोहल्लों, गलियों और मुख्य मार्गों पर जमा गंदे पानी के कारणों एवं जलनिकासी की वर्तमान व्यवस्था का बारीकी से मुआयना किया. उन्होंने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर जलनिकासी में आ रही व्यावहारिक बाधाओं की जानकारी ली. डीडीसी ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
- नालों का चिह्नीकरण: कॉलोनी से पानी निकासी के लिए मुख्य और सहायक नालों को तत्काल चिह्नित किया जाए.
- उड़ाही व जीर्णोद्धार: गाद से पटे सभी प्रमुख नालों की युद्धस्तर पर उड़ाही और आवश्यक जीर्णोद्धार कार्य शुरू कराया जाए.
- अतिक्रमण पर प्रहार: जिन नालों और जलप्रवाह के रास्तों पर अवैध अतिक्रमण या निर्माण किया गया है, उन्हें अविलंब अतिक्रमणमुक्त कराया जाए.
अधिकारियों को मिला समयबद्ध टास्क
जलजमाव से स्थायी निजात दिलाने के लिए डीडीसी ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए समयबद्ध टास्क सौंपा. उन्होंने सहायक अभियंता (PHED सारण), प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO सदर) को आपसी समन्वय बनाकर प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना लागू करने का कड़ा निर्देश दिया.
तात्कालिक नहीं, स्थायी समाधान विकसित करने पर जोर: डीडीसी (कोट)
"प्रभुनाथ नगर में जलजमाव की समस्या को दूर करने के लिए केवल तात्कालिक कदम नाकाफी हैं, इसके लिए एक मजबूत और स्थायी जलनिकासी तंत्र विकसित करना होगा. सभी चिह्नित नालों की समुचित सफाई, उड़ाही और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारी आपसी तालमेल से काम करें ताकि कॉलोनीवासियों को हमेशा के लिए इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके." — लक्ष्मण तिवारी (IAS), उप विकास आयुक्त, सारण
स्थानीय लोगों ने जताई राहत, पक्की सड़क की भी मांग
उल्लेखनीय है कि प्रभात खबर द्वारा लगातार आवाज उठाए जाने के बाद प्रशासन के पहुंचने से स्थानीय नागरिकों में उम्मीद जगी है. हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की लगभग हर गली में जलजमाव बना हुआ है, इसलिए नालों की स्थायी व्यवस्था के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़कों का नव-निर्माण भी शीघ्र कराया जाना चाहिए.
