sonepur mela. मेले में डिज्नीलैंड से फूड स्टॉल तक बढ़ी भीड़

शनिवार व रविवार को बढ़ेगी लोगों की संख्या, मेले में बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये

सोनपुर. विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले में लगातार भीड़ बढ़ रही है. शुक्रवार को भी 70 हजार से अधिक लोग मेला देखने पहुंचे थे. इस सप्ताह अब तक पांच लाख से भी अधिक लोग मेला देखने आ चुके हैं. वहीं, शनिवार व रविवार को रिकॉर्ड भीड़ जुटने की संभावना जतायी जा रही है. पिछले शनिवार व रविवार को मिलाकर तकरीबन चार लाख लोग मेला देखने आये थे. वहीं, इस शनिवार व रविवार को छह लाख से भी अधिक लोगों के आने की उम्मीद जतायी जा रही है.

मेले में बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड में है. सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये हैं. मेला परिसर में जितने भी सरकारी विभाग के स्टॉल लगाये गये हैं. वहां पर भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी निर्धारित की गयी है. जिससे किसी तरह की कोई अफरा तफरी की स्थिति ना हो. डिजनीलैंड परिसर में भी काफी भीड़ उमड़ रही है. यहां भी सुरक्षा के इंतजाम है. मनचलों पर भी पुलिस नजर बनाये हुए है. शुक्रवार को सुबह से ही मेला देखने के लिए लोग पहुंचना शुरू हो गये थे. सरकारी विभागों की प्रदर्शनी देखने के लिए लोगों में उत्सुकता अधिक दिख रही है. जिन प्रदर्शनियों के पास अधिक भीड़ हो रही है. वहां लोगों को कतार में प्रवेश कराया जा रहा है. फूड स्टॉल पर भी भीड़ जमा हो जा रही है. कई बार मेला परिसर में जाम की स्थिति भी बन रही है, जिसके कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत भी हो रही है.

टैटू बनवाने के लिए उत्साहित दिख रहे लोग

आधुनिक कला का प्रदर्शन और उत्सव, संस्कृति और मनोरंजन इस मेले का अभिन्न अंग हैं, और आजकल इन आयोजनों में टैटू का जलवा एक नया आकर्षण बन गया है. पहले टैटू को एक विद्रोही या सीमांत कला माना जाता था, लेकिन अब यह आत्म-अभिव्यक्ति का एक लोकप्रिय और फैशनेबल माध्यम बन इस मेले मे बन गया है. मेले में, टैटू स्टॉल सबसे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर कई जगह पर हैं. कलाकार अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हैं, और लोग अपनी त्वचा पर अपनी पसंद, विचार या किसी यादगार पल को स्थायी रूप से अंकित करवाते हैं.

छोटे, साधारण डिज़ाइन से लेकर बड़े और जटिल कलाकृतियों तक, हर प्रकार के टैटू की मांग इस मेले मे है. विशेष रूप से युवा पीढ़ी के बीच टैटू का क्रेज बहुत अधिक मेला मे देखा जा रहा है. वह इसे न केवल एक फैशन स्टेटस मानते हैं, बल्कि अपनी पहचान को दर्शाने का एक तरीका भी. मेले में टैटू बनवाना एक उत्साहपूर्ण और त्वरित अनुभव प्रदान करता है,जो मेले की जीवंतता को और बढ़ा देता है. इसके अलावा, कई स्टॉल अस्थायी टैटू भी प्रदान करते हैं, जो बच्चों और उन लोगों के लिए बेहतरीन हैं जो स्थायी कमिटमेंट नहीं चाहते. इस प्रकार, टैटू का यह चलन मेले के माहौल में आधुनिक कला और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का एक शानदार मेल प्रस्तुत कर रहा है.

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Published by: Shashi kant kumar

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